नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े मुद्दों और विवादों को लेकर गुरुवार की देर शाम बिहारशरीफ में छात्रों का गुस्सा सड़क पर उतर आया. आक्रोशित छात्रों ने शहर में विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जोरदार मांग की है.
तख्तियां लेकर नाला रोड से अस्पताल चौक तक किया मार्च
छात्रों का यह विरोध मार्च शहर के नाला रोड से शुरू हुआ. इसके बाद यह मार्च घंटा चौक और रांची रोड से होते हुए अस्पताल चौक की ओर बढ़ा.
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. कई छात्राओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर नीट परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़े स्लोगन लिखे हुए थे. छात्र लगातार अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे.
कारवां बढ़ता गया, जुड़ते गए और भी छात्र
प्रारंभिक चरण में इस विरोध मार्च में प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 40 से 50 बताई गई. हालांकि, जैसे-जैसे यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ता गया, सड़क से गुजर रहे अन्य छात्र भी इसमें शामिल होते गए और धीरे-धीरे प्रदर्शनकारियों की संख्या काफी बढ़ गई.
छात्रों का स्पष्ट कहना था कि नीट परीक्षा को लेकर उठे विवादों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए.
पुलिस की रही पैनी नजर, शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मार्च
उल्लेखनीय है कि नीट मामले को लेकर इससे एक दिन पहले (बुधवार) भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन उस दिन प्रदर्शनकारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी. गुरुवार को निकाले गए इस मार्च में छात्रों की भागीदारी पहले की तुलना में कहीं अधिक देखने को मिली.
इस पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए रही. अंततः छात्रों का यह मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.
