सहयोग शिविर में पहुंचे नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार, सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

Nalanda News: नालंदा के रहुई प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद कौशलेंद्र कुमार ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर योजना गांव स्तर पर सरकारी सेवाएं पहुंचाकर लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकार के प्रति विश्वास को मजबूत कर रही है.

Nalanda News (कंचन कुमार की रिपोर्ट)
बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी “सहयोग शिविर” योजना के तहत मंगलवार को नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने रहुई प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक निर्देश दिए.

सांसद कौशलेंद्र कुमार ने रहुई प्रखंड के पेशौर पंचायत, उतरनामा पंचायत तथा नगर पंचायत रहुई के वार्ड संख्या-5 में आयोजित सहयोग शिविर में भाग लिया. उन्होंने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली तथा अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

ग्रामीणों के लिए मील का पत्थर साबित होगी योजना

शिविर के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार सरकार की यह पहल आम जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर योजना गांव और पंचायत स्तर तक प्रशासन को पहुंचाने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि अब लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय या विभिन्न सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. सरकार के अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त कर रहे हैं और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके निराकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं.

एक माह के भीतर समस्याओं के समाधान का लक्ष्य

सांसद ने बताया कि सहयोग शिविर के माध्यम से विभिन्न विभागों के पदाधिकारी सीधे ग्रामीणों के संपर्क में आ रहे हैं. शिविर में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन एक माह के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि आम लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान होने से सरकार के प्रति उनका विश्वास मजबूत होता है और लोगों को यह एहसास होता है कि प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है.

दूर-दराज के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही पहल

कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि आर्थिक अभाव और दूरी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई लोग समाहरणालय, अनुमंडल कार्यालय अथवा अन्य सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाते हैं. ऐसे लोगों के लिए सहयोग शिविर किसी वरदान से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण अपने गांव और पंचायत स्तर पर ही अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं और उनका समाधान भी स्थानीय स्तर पर हो रहा है. इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बच रहे हैं.

जनसेवा ही सबसे बड़ा धर्म : सांसद

सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का पहला दायित्व जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना है. उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है और वे हमेशा जनता के सुख-दुख में सहभागी बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करना ही उनका कर्तव्य है और आगे भी वे इसी भावना के साथ क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करते रहेंगे.

ग्रामीणों ने जताया आभार

सहयोग शिविर में पहुंचे कई ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर समस्या समाधान की व्यवस्था को सराहनीय बताया. ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है. शिविर में उपस्थित लोगों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा बिहार सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया.

कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी नालंदा, प्रखंड विकास पदाधिकारी रहुई, रहुई थानाध्यक्ष, पेशौर पंचायत एवं उतरनामा पंचायत के मुखिया, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अलबेला राय, पैक्स अध्यक्ष भवानी सिंह, अधिवक्ता अमित कुमार, राकेश कुमार, डबल पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे.

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By Vikas Jha

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

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