Nalanda News (रामविलास की रिपोर्ट): आध्यात्मिक नगरी राजगीर में राजकीय मलमास मेला के दौरान गंगा दशहरा और पुरुषोत्तम एकादशी की धार्मिक महिमा से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है. गढ़ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित आध्यात्मिक शिविर में सर्वमंगला योग विद्यापीठ के पीठाधीश्वर स्वामी चिदात्मन जी महाराज उर्फ फलाहारी बाबा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गंगा दशहरा वह पुण्य तिथि है, जब मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था.
गंगा स्नान से 10 प्रकार के पापों का होता है नाश
फलाहारी बाबा ने कहा कि गंगा दशहरा के अवसर पर गंगा या राजगीर के पवित्र गर्मजल कुंड में स्नान, पूजन और आरती का विशेष महत्व है. इस दिन स्नान करने से 10 प्रकार के पापों का नाश होता है. उन्होंने बताया कि सर्वमंगला परिवार द्वारा प्रत्येक वर्ष सिमरिया धाम में गंगा दशहरा पर विशेष पूजन और भव्य आरती का आयोजन किया जाता है. इस वर्ष सिमरिया धाम के साथ राजगृह धाम में भी श्रद्धापूर्वक मां गंगा की आरती और पूजा की गई.
मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण
स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि मलमास मेला के दौरान राजगृह धाम में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है. पुरुषोत्तम एकादशी पर यहां स्नान और पूजा-अर्चना करने से मन, वचन और कर्म से जुड़े पापों का नाश होता है तथा मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है. उन्होंने कहा, “मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है”, इसलिए एकादशी का स्नान आत्मशुद्धि का महान माध्यम माना गया है.
श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ रहा शिविर
गढ़ महादेव मंदिर परिसर में सर्वमंगला परिवार का आध्यात्मिक शिविर प्रतिदिन सत्संग, कथा और प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ रहा है. विशेष स्नान पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुंडों में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं. बाबा ने शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए प्रशासन और मीडिया की भूमिका की भी सराहना की.
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