Nalanda News (कंचन कुमार की रिपोर्ट): नालंदा में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने शुक्रवार को पांच मामलों की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों पर विचार करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए गए.
कई मामलों का सुनवाई से पहले ही हुआ निष्पादन
जिला पदाधिकारी ने बताया कि कुछ मामलों का निष्पादन सुनवाई से पहले ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा कर दिया गया था, जबकि शेष मामलों के त्वरित निवारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक आदेश दिए गए. सुनवाई में आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का समाधान किया गया.
नगर विकास से जुड़ी शिकायत का हुआ समाधान
परिवादी दिलीप चौधरी द्वारा नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में पेयजल, शौचालय, गली-नाली तथा नगर विकास एवं आवास विभाग से संबंधित समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी. मामले की समीक्षा के बाद जिला पदाधिकारी ने शिकायत का निष्पादन कर दिया.
भूमि विवाद मामले में भी हुई सुनवाई
इसी प्रकार परिवादी सुरेंद्र कुमार सिन्हा द्वारा भूमि विवाद से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की गई थी. मामले की सुनवाई के बाद संबंधित पक्षों और विभागीय अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर शिकायत का निष्पादन किया गया.
विद्यालय शिक्षा समिति से जुड़ी शिकायत का निपटारा
परिवादी सूर्यदेव सागर ने विद्यालय शिक्षा समिति के नियमानुसार कार्य नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की सुनवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देते हुए शिकायत का निष्पादन किया.
भू-लगान रसीद और प्राथमिकी से जुड़े मामलों पर निर्देश
परिवादी बीरेन्द्र प्रसाद द्वारा भू-लगान रसीद निर्गत करने से जुड़ी समस्या उठाई गई थी. जिला पदाधिकारी ने मामले की समीक्षा कर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देते हुए शिकायत का समाधान कराया. वहीं परिवादी लक्ष्मी कुमारी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत पर भी सुनवाई हुई. मामले की जांच के बाद जिला पदाधिकारी ने आवश्यक निर्देश जारी करते हुए शिकायत का निष्पादन किया.
समयबद्ध समाधान पर प्रशासन का जोर
सुनवाई के दौरान जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. जिला प्रशासन ने कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है.
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