Nalanda News(कंचन कुमार): नालंदा जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ ही जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. अत्यधिक गर्मी के कारण घरों और दफ्तरों में एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल चौबीसों घंटे होने लगा है, जिससे बिजली की खपत में अचानक भारी उछाल आया है. हालात यह हैं कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक ट्रांसफार्मर और बिजली फीडर ओवरलोड होकर जवाब देने लगे हैं.
बुधवार की रात मची रही अफरा-तफरी, इन मोहल्लों में गिरे तार
बुधवार की देर रात जिला मुख्यालय बिहार शरीफ से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली का संकट गहराया रहा, जिससे उमस भरी गर्मी में लोग रातभर सो नहीं सके. बिहार शरीफ के नालंदा कॉलोनी स्थित ट्रांसफार्मर बार-बार ओवरलोड होकर शटडाउन होता रहा, जिससे पूरा इलाका घंटों अंधेरे में डूबा रहा. शहर के खलिहानी क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर का फ्यूज अत्यधिक लोड के कारण लगातार उड़ता रहा, जिसे ठीक करने में कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी. वहीं उत्तरी गांधी नगर, पटेल नगर और शिक्षक कॉलोनी समेत कई रिहायशी इलाकों में ओवरलोडिंग के कारण बिजली के मुख्य तार (कंडक्टर) जलकर गिरने की घटनाएं सामने आईं. गनीमत रही कि देर रात इन हादसों से कोई हताहत नहीं हुआ.
128 जगहों से आईं शिकायतें, पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा बुरा असर
बिजली विभाग के कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के अलग-अलग सब-स्टेशनों और मोहल्लों से 128 से अधिक जगहों पर बिजली बाधित होने की गंभीर शिकायतें दर्ज की गई हैं.
विद्युत आपूर्ति ठप होने का सीधा असर शहर की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है. बिजली नहीं रहने के कारण नगर निगम के जल पंप समय पर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे कई वार्डों में सुबह और शाम के वक्त पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है. लोग अब बिजली संकट के साथ-साथ पानी की किल्लत से भी दो-चार होने को मजबूर हैं.
मैदान में उतरी बिजली विभाग की फौज: 3 शिफ्टों में काम कर रहे 352 मिस्त्री
बिजली संकट की भयावहता को देखते हुए विद्युत कार्यपालक अभियंता के निर्देश पर जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है. फाल्ट को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए भारी संख्या में तकनीकी टीम को मैदान में उतारा गया है. जानकारी के अनुसार जिले भर में कुल 352 बिजली मिस्त्रियों और लाइनमैनों को काम पर लगाया गया है. थिन-वायर बर्निंग और फ्यूज उड़ने की शिकायतों को तुरंत दूर करने के लिए इन कर्मियों की ड्यूटी तीन अलग-अलग शिफ्टों में (24 घंटे) लगाई गई है. सभी फीडरों की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है ताकि कहीं भी तार गिरने या ट्रांसफार्मर जलने पर तुरंत वैकल्पिक सोर्स से बिजली चालू की जा सके.
विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पीक आवर्स (शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक) के दौरान अनावश्यक बिजली उपकरणों का उपयोग न करें, ताकि ट्रांसफार्मर पर लोड को कम किया जा सके और निर्बाध आपूर्ति बनी रहे.
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