नालंदा में स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काला बिल्ला लगाकर किया काम, 1 जून को पटना में बड़ा प्रदर्शन

Nalanda News: बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर नालंदा जिले में 21 मई से 26 मई तक नियमित व संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर काम करने का निर्णय लिया है. जिला मंत्री संजय कुमार और जिलाध्यक्ष नदीम के नेतृत्व में कर्मी संविदा नियमितीकरण, पदोन्नति और आउटसोर्सिंग कर्मियों को ₹26,000 न्यूनतम मानदेय देने की मांग कर रहे हैं. मांगें पूरी न होने पर 1 जून 2026 को पटना के गर्दनीबाग में राज्यव्यापी महाधरना का ऐलान किया गया है.

Nalanda News(रणजीत सिंह): अपनी विभिन्न लंबित और ज्वलंत मांगों को लेकर नालंदा जिले के स्वास्थ्य विभाग के नियमित व संविदा कर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है. राज्य संघ के आह्वान पर गुरुवार (21 मई) को जिले भर के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने-अपने संस्थानों में बांह पर काला बिल्ला लगाकर सरकारी कार्यों का संपादन किया. यह चरणबद्ध आंदोलन आगामी 26 मई तक जारी रहेगा, जिसके जरिए स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के सचिव का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट कराने का प्रयास किया जा रहा है.

21 से 26 मई तक काला बिल्ला, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन होगा उग्र

बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष नदीम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान खींचने के लिए यह चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है. नालंदा जिले के सभी नियमित और संविदा कर्मचारी 21 मई से 26 मई तक काला बिल्ला लगाकर ही अपना काम करेंगे, ताकि मरीजों की सेवा भी बाधित न हो और सरकार तक उनका विरोध भी पहुंच सके.

₹26,000 न्यूनतम मानदेय और सेवा नियमितीकरण सहित संघ की हैं 6 मुख्य मांगें

संघ के जिला मंत्री संजय कुमार ने कर्मचारियों की मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए सरकार से मांग की है कि नियमानुसार सभी संवर्ग के स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर पद प्रोन्नति का लाभ दिया जाए. एएनएम (ANM) सहित राज्य संवर्ग के सभी कर्मियों का मातृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, सेवा सम्पुष्टि और एमएसीपी (MACP) का आदेश जारी करने का अधिकार सिविल सर्जन, अधीक्षक व प्राचार्य को सौंपने का निर्देश जारी हो. स्वास्थ्य समिति के कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली का गठन करते हुए उनकी सेवा को समायोजित किया जाए. साथ ही शहरी क्षेत्रों में कार्यरत अर्बन एएनएम को भी नियमानुसार सभी निर्धारित अवकाश दिए जाएं. वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे संविदागत कर्मियों की सेवा को अविलंब नियमित किया जाए और आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक पारिश्रमिक के रूप में प्रति माह ₹26,000 का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.

1 जून को पटना के गर्दनीबाग में जुटेंगे राज्यभर के हजारों कर्मी, गूंजेगा नारा

संघ के उपाध्यक्ष राजीव रंजन, सहायक जिला मंत्री मीना कुमारी व राजेश कुमार सिंह, संघर्ष मंत्री रितेश कुमार एवं संघर्ष अध्यक्ष गंगासागर ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि इस शांतिपूर्ण विरोध के बाद भी प्रशासन नहीं जागा, तो आंदोलन को और धार दी जाएगी.

इसके तहत आगामी 01 जून 2026 को बिहार राज्य के हजारों स्वास्थ्य कर्मचारी राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पहुंचेंगे. वहां माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.

इस राज्यस्तरीय प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए नालंदा जिले के विभिन्न प्रखंडों से संघ पदाधिकारियों ने एकजुटता दिखाई है, जिनमें मुख्य रूप से सुषमा कुमारी, सोनम कुमारी (इस्लामपुर), रूबी कुमारी, कौशल्या कुमारी (एकंगरसराय), रंजीत रंजन (हिलसा), संजय कुमार (राजगीर), अनिल उपाध्याय, बबीता कुमारी (बिंद), अभिषेक राज (सरमेरा), अनीश कुमार (करायपरशुराय), प्रवीण कुमार (चंडी), अजय कुमार (कतरीसराय) और रजनीश (गिरियक) सहित संघ के सैकड़ों सदस्य शामिल हैं.

Also Read: Aurangabad : सदर अस्पताल में आज सुबह आठ बजे से शुरू होगी ओपीडी सेवा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aditya Kumar Ravi

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >