Nalanda News: (Sunil Kumar) नालंदा जिले के राजगीर में आयोजित होने वाले राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. गुरुवार को जिला दंडाधिकारी सह जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में मेला में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं आपदा मित्रों के साथ महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई.
बैठक में सभी अधिकारियों को उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों का समयबद्ध और जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया गया. बैठक के दौरान मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई हैं.
पदाधिकारियों ने मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया
इस दौरान संबंधित पदाधिकारियों द्वारा मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसमें राहत एवं बचाव कार्यों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया हैं. इसमें आपदा मित्रों, पुलिस बल, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन दल ने समन्वित रूप से भाग लिया हैं.
जिलाधिकारी ने बताया कि राजकीय मलमास मेला 17 मई से 15 जून 2026 तक राजगीर में आयोजित होगा। इस दौरान ब्रह्मकुंड में स्नान के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और संचार व्यवस्था को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है.
डीएम ने सभी दंडाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया
डीएम कुंदन कुमार ने सभी दंडाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर बनाए रखने तथा महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया हैं.
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी तथा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की समुचित व्यवस्था की जा रही है.
भगदड़, आगजनी, जल दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं के लिए को विशेष प्रशिक्षण
साथ ही संभावित भगदड़, आगजनी, जल दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं से निपटने के लिए आपदा मित्रों और राहत-बचाव दलों को विशेष प्रशिक्षण और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय मलमास मेला नालंदा जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आयोजन है. प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है. बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में आपदा मित्र मौजूद रहे है.
