Sheikhapura News: जनगणना 2027, शेखपुरा जिले में कहां तक पहुंचा काम? देखिए यह रिपोर्ट

Sheikhapura News: जनगणना 2027 के आंकड़े शेखपुरा जिले में 82 फीसदी तक पहुंच गया हैं मकानों का हुआ सूचीकरण, 1.41 लाख परिवारों का काम पूरा. पढिए पूरी खबर

Sheikhapura News: (सत्येंद्र कुमार) शेखपुरा जिले में जनगणना 2027 के लिए मकान सूचीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षित सभी प्रगणक अपने-अपने निर्धारित क्षेत्र में जाकर घरों के सूचीकरण का कार्य कर रहे हैं. जनगणना का यह पूरा काम इलेक्ट्रॉनिक मोड में किया जा रहा है. जनगणना कार्य को लेकर पूरे जिले में 1277 प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए गए हैं. जिले को जनगणना के लिए 10 चार्ज में विभक्त किया गया है.

लगभग 82 प्रतिशत कार्य पूरा

यह चार्ज सभी प्रखंड और नगर क्षेत्र के आधार पर गठित किया गया है. सभी चार्ज के अलग-अलग अधिकारी और अलग-अलग कोड के तहत यह कार्य चल रहा है. इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर जनगणना पदाधिकारी विजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि मकान सूचीकरण का लगभग 82 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है. जिले में लगभग 01 लाख 74 हजार परिवारों में से करीब 01 लाख 41हजार परिवारों की गणना हो चुकी है. 2011 के अनुसार जिले की आबादी 6 लाख 36 हजार 342 था. इस बार की गणना में 7 लाख से अधिक की आबादी की गणना हो चुकी है.

प्रखंडों में इतने मकानों का हो चुका है सूचीकरण

जिले में कुल छह प्रखंड हैं . इनमें शेखपुरा सदर प्रखंड,बरबीघा, शेखूपुरसराय, अरियरी ,चेवाड़ा और घाटकोसुंभा शामिल. इसमें शेखपुरा सदर प्रखंड में 44,265 मकानों,बरबीघा प्रखंड में 33,351 मकानों, शेखूपुर सराय में 13,087 ,घाटकोसुंभा में 12,3335 ,चेवाड़ा 16,164 और अरियरी 21,679 मकानों का सुचिकरण का कार्य किया जा चुका है

31 मई तक होगा मकानों का सूचीकरण का काम

मकान सूचीकरण का काम 2 मई से शुरू किया गया है. यह काम 31 मई तक जारी रहेगा. इस पूरे अभियान के दौरान प्रगणक लोगों के घर जा जाकर घरों में परिवारों के सदस्यों की संख्या की गणना कर रहे हैं. जबकि ,उनके पारिवारिक स्थिति, घर की स्थिति, वाहन, शौचालय, रसोई घर, भोजन पकाने के संसाधन, ऊर्जा के स्रोत, बिजली सौर ऊर्जा आदि कुल 33 प्रकार के जानकारी इकट्ठा करने का काम कर रहे हैं.

48 हजार से ज्यादा लोगों ने जनगणना पोर्टल पर लोड किए थे स्व घोषणा

सभी जानकारी एप पर लोड किया जा रहा है. इसके साथ ही 48,000 से ज्यादा लोगों द्वारा जनगणना पोर्टल पर लोड किए गए स्व घोषणा के सत्यापन का काम भी प्रगणकों द्वारा इस दौरान किया जा रहा है. हालांकि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों द्वारा स्व घोषणा के बाद पोर्टल द्वारा जारी किए गए आईडी प्रगणकों के साथ साझा नहीं किये जाने के कारण उनसे पुनः सभी जानकारी आमने-सामने बैठकर ही पूरी की जा रही है.

प्रगणक प्रतिदिन 20 से 25 घरों की कर रहे सूचीकरण

प्रगणक के रूप में तैनात स्कूली शिक्षक प्रतिदिन 20 से 25 घरों में के सूचीकरण का कार्य संपादित कर रहे हैं. आमतौर पर औसतन एक प्रगणक को 200 घरों के सूचीकरण का टास्क दिया गया है.इस कार्य की लगातार निगरानी चार्ज अधिकारी के साथ-साथ अन्य जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन के आला अधिकारी कर रहे हैं.

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Published by: Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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