नालंदा के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 26 ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, जेब्रा क्रॉसिंग व स्पीड ब्रेकर बनाने का काम तेज

नालंदा जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है. 26 चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर जेब्रा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

Nalanda News : नालंदा जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. जिला पदाधिकारी उदिता सिंह के निर्देश पर समाचार पत्र में प्रकाशित शिकायत के बाद तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिन्हित 26 ब्लैक स्पॉट को सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित करने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है.

पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पटना–रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-20) पर शेखपुरा एवं बिहारशरीफ की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित ब्लैक स्पॉट पर जेब्रा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि वाहनों की रफ्तार नियंत्रित हो और पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.

इसी प्रकार गया–राजगीर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-82) पर दीपनगर, पिपलसर, नालंदा मोड़ एवं सिलाव बाजार स्थित ब्लैक स्पॉट पर भी जेब्रा क्रॉसिंग और स्पीड ब्रेकर बनाए जा रहे हैं. वहीं राणा बिगहा एवं कोरई क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुरक्षा संबंधी कार्य ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है.

NH-33 के दुर्घटना संभावित स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग व स्पीड ब्रेकर का निर्माण

वहीं जहानाबाद–रेखपुरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) पर नारी, तियारी, मकटपुर, बेनार मोड़, अछुआरा तथा सोहसराय सहित विभिन्न दुर्घटना संभावित स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग एवं स्पीड ब्रेकर निर्माण का कार्य प्रगति पर है. इसके अलावा अन्य चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर भी संबंधित विभागों द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जा रहे हैं.

26 ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश

पथ निर्माण विभाग के अनुसार इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है. विभाग ने बताया कि सभी चिन्हित 26 ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है. सुधारात्मक कार्य पूरे होने के बाद इन मार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी आने और यात्रियों को अधिक सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलने की उम्मीद है.

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