Biharsharif News : नालंदा जिले के हरनौत निवासी अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने अपने संघर्ष, कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है. वर्ष 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय पैरा पावरलिफ्टिंग टीम में उनका चयन हुआ है. वे 21 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भारतीय दल के साथ ग्लासगो (स्कॉटलैंड) के लिए रवाना होंगे. इससे पहले 20 जुलाई को आयोजित भारतीय दल के विदाई समारोह में झंडू कुमार और उनके कोच भी शामिल हुए.
नालंदा से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
झंडू कुमार की सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत के साथ उनके प्रशिक्षकों और मार्गदर्शकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनकी प्रतिभा को सबसे पहले पहचानने का श्रेय नालंदा पैरा स्पोर्ट्स संगठन के सचिव एवं कोच कुंदन कुमार पांडे को जाता है. वर्ष 2019 से वे लगातार झंडू कुमार का मार्गदर्शन कर रहे हैं और उन्हें राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है.
प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में निखरी प्रतिभा
झंडू कुमार के शुरुआती प्रशिक्षण में रॉकस्टार जिम के संचालक एवं प्रशिक्षक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने उन्हें पावरलिफ्टिंग की बुनियादी तकनीकों से परिचित कराया. इसके बाद उनका चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, गांधीनगर (गुजरात) में हुआ. यहां पैरालंपिक पदक विजेता और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित प्रशिक्षक राजेंद्र सिंह रहेलू के मार्गदर्शन में उन्होंने उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं टूटा हौसला
झंडू कुमार की सफलता केवल खेल उपलब्धियों की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष और पारिवारिक त्याग की मिसाल भी है. उनके माता-पिता आज भी हरनौत बाजार में सड़क किनारे आलू और प्याज बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनके भाई भी इस कार्य में सहयोग करते हैं. सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी उनके सपनों को टूटने नहीं दिया और हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया.
बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन का मिला सहयोग
बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव संदीप कुमार ने भी झंडू कुमार को हर स्तर पर सहयोग और प्रोत्साहन दिया. संगठन के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष पैरा पावरलिफ्टरों में अपनी जगह बनाई.
झंडू कुमार की प्रमुख उपलब्धियां
झंडू कुमार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं.
- 19वीं सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2021 (कोलकाता). 65 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक.
- 22वीं सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 (ग्रेटर नोएडा). 72 किलोग्राम वर्ग में 205 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक.
- खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 (नई दिल्ली). 72 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक.
- बीजिंग वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ल्ड कप 2025 (चीन). 192 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक.
- काहिरा वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 (मिस्र). भारत का प्रतिनिधित्व.
- 23वीं सीनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 (रुड़की, उत्तराखंड). 72 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक.
- एशिया-ओशिनिया ओपन पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 (बैंकॉक, थाईलैंड). एशिया इवेंट और ओपन इवेंट दोनों में कांस्य पदक.
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (ग्लासगो, स्कॉटलैंड). भारतीय टीम में चयन.
नालंदा और बिहार के लिए गर्व का क्षण
झंडू कुमार की उपलब्धियां केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि यह नालंदा और पूरे बिहार के पैरा खेल आंदोलन के लिए भी गर्व का विषय हैं. उनका संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभा को सही समय पर पहचान, उचित प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन मिले, तो सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है.
अब ग्लासगो में पदक जीतने पर टिकी हैं उम्मीदें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन के बाद पूरे नालंदा और बिहार में खुशी का माहौल है. अब सभी की निगाहें ग्लासगो में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं. खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि झंडू कुमार अपने शानदार प्रदर्शन से भारत के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान विश्व मंच पर और ऊंचा करेंगे.
