नालंदा में खेती को मिलेगी नई रफ्तार, कृषि विभाग ने किसानों को बांटे उन्नत बीज और जैव उर्वरक

नालंदा में आत्मा द्वारा किसानों को अरहर की वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण और उन्नत कृषि सामग्री का वितरण किया गया, जिससे दलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

Nalanda Arhar Cultivation Training : बिहारशरीफ जिले में अरहर की खेती को बढ़ावा देने, किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा दलहन उत्पादन को बढ़ाने के मुख्य उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है. कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) नालंदा के तत्वावधान में जिले के सभी 20 प्रखंडों में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए.

चयनित किसानों को बांटी गई आवश्यक कृषि सामग्री

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक प्रखंड से तीन-तीन प्रगतिशील किसानों का चयन किया गया. चयनित किसानों को अरहर की खेती के लिए आवश्यक सभी कृषि सामग्री प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई गई, जिससे वे बेहतर तरीके से खेती कर सकें.

बीज उपचार और कीट नियंत्रण की दी गई विस्तृत जानकारी

वितरित की गई सामग्रियों में आधार बीज, माइकोराइजा जैव उर्वरक, इमीडाक्लोप्रिड तथा इमामेक्टिन बेंजोएट जैसी कीट एवं रोग नियंत्रण से जुड़ी चीजें शामिल रहीं. इस दौरान विशेषज्ञों ने बीज उपचार, फसल प्रबंधन, पौधों के संतुलित पोषण और समय पर कीट नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी.

माइकोराइजा जैव उर्वरक के फायदों से अवगत हुए किसान

विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए बताया कि माइकोराइजा एक बेहद लाभकारी जैव उर्वरक है. यह पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को काफी हद तक बढ़ाता है. इससे जड़ों का विकास मजबूत होता है और सूखे जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है.

'देखकर सीखने' के सिद्धांत पर आधारित हैं प्रदर्शन प्लॉट

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य 'देखकर सीखने' की पद्धति को बढ़ावा देना है. प्रत्येक प्रखंड में चयनित किसानों के खेतों पर विशेष प्रदर्शन प्लॉट बनाए गए हैं, जहां अन्य किसान उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक विधियों के प्रभाव को अपनी आंखों से देख सकेंगे.

कार्यक्रम में अधिकारियों ने की आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील

आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (बीज विश्लेषण) समेत सभी प्रखंडों के एटीएम और बीटीएम पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहे. अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे उपलब्ध कराई गई सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करें.

नालंदा में दलहन उत्पादन को मिलेगी एक नई गति

आत्मा नालंदा की इस बेहतरीन पहल से आने वाले समय में जिले के भीतर अरहर की उत्पादकता में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है. इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि राज्य में दलहन उत्पादन को भी एक नई दिशा और गति मिलेगी.

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By Sunil kumar

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