Nalanda News : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत नालंदा की डीएम उदिता सिंह ने शुक्रवार को द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के रूप में 15 मामलों की सुनवाई की. इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कई शिकायतों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए.
शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्राथमिकता
सुनवाई के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है. जिन मामलों का निस्तारण सुनवाई से पहले ही संबंधित लोक प्राधिकार द्वारा कर दिया गया था, उन्हें अभिलेख पर लेते हुए बंद किया गया. वहीं, जिन मामलों में अतिरिक्त जांच या विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता थी, उनमें संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए तथा अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई.
तीन परिवादियों की समस्याओं का मौके पर निष्पादन
सुनवाई के दौरान परिवादी रॉकी कुमार की बिजली का खंभा ऊंचा कराने संबंधी शिकायत तथा कमर इकबाल की रैयतीकरण संबंधी शिकायत का निष्पादन कर दिया गया. इसी प्रकार उदय कुमार की जान-माल के खतरे एवं रंगदारी मांगने से संबंधित शिकायत का भी समाधान किया गया.
विभिन्न विभागों की शिकायतों पर विस्तृत सुनवाई
वहीं, अनिल कुमार की अतिक्रमण से संबंधित शिकायत, सुभाष कुमार की अंचल कार्यालय द्वारा गलत जांच प्रतिवेदन देने की शिकायत, राहुल कुमार की पंचायत सरकार भवन निर्माण से जुड़ी शिकायत, पंकज कुमार की यात्री शेड निर्माण की मांग, उमेश सिंह की ऑनलाइन राजस्व रसीद में भूमि विवरण शून्य हो जाने की शिकायत, झुनझुन कुमार की प्रखंड शिक्षक नियोजन रद्द करने से संबंधित शिकायत, संजय कुमार की आम रास्ते में दरवाजा लगाने एवं गाली-गलौज की शिकायत, चांदनी देवी की करंट लगने से मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री राहत योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत, जय राम प्रसाद की बिना बिजली उपयोग के चार हजार रुपये का बिल आने की शिकायत, चंद्रमणि प्रसाद की परिमार्जन संबंधी शिकायत तथा सुबोध प्रसाद की नाली, सोलिंग एवं पीसीसी ढलाई से संबंधित शिकायतों में विस्तृत सुनवाई की गई.
समयबद्ध और पारदर्शी कार्यशैली अपनाने के निर्देश
इन बचे हुए मामलों में विस्तृत सुनवाई करते हुए अगली तिथि निर्धारित की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. बैठक में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे. जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को त्वरित न्याय और प्रशासनिक राहत मिल सके.
