राजगीर-नालंदा की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत, करनौती-बिहारशरीफ दोहरीकरण का टेंडर जारी, 31 अंडरपास भी बनेगा

बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेलखंड पर दोहरीकरण का काम शुरू हो गया है. करनौती से बिहारशरीफ के बीच 26.292 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के लिए 575.14 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया गया है. इस परियोजना से रेल सुरक्षा और यातायात दोनों में सुधार होगा.

Bihar railway news: बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेलखंड के दोहरीकरण की दिशा में अब काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. पूर्व मध्य रेलवे ने करनौती से बिहारशरीफ के बीच 26.292 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण के लिए करीब 575.14 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है. परियोजना के तहत नई रेल लाइन बिछाने के साथ रेल क्रॉसिंग और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का भी बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा.

31 रेल गुमटियां अंडरपास में होंगी तब्दील

दोहरीकरण परियोजना के तहत रेलखंड की 31 रेल गुमटियों को अंडरपास में बदला जाएगा. इससे समपार फाटकों पर दुर्घटना की आशंका कम होगी और सड़क यातायात भी सुगम होगा. रेल और सड़क यातायात को अलग-अलग करने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है.

25 स्टेशनों और हॉल्टों पर बनेंगे फुटओवर ब्रिज

हरनौत, बिहारशरीफ और राजगीर को छोड़कर अन्य स्टेशनों और हॉल्टों पर 25 नए फुटओवर ब्रिज बनाए जाएंगे. इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान रेल लाइन पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. फुटओवर ब्रिज बनने से यात्रियों की सुरक्षा भी बेहतर होगी.

810 दिनों में पूरा करना होगा काम

ईपीसी मॉडल पर होने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 575.14 करोड़ रुपये है. ठेका लेने वाली एजेंसी को कार्य पूरा करने के लिए 810 दिनों का समय दिया जाएगा. 28 सितंबर को प्री-बिड बैठक होगी, जबकि 30 दिसंबर तक एजेंसियां अपनी निविदा जमा कर सकेंगी.

25 टन प्रति एक्सल भार क्षमता के मानक पर बनेगी लाइन

नई रेल लाइन को 25 टन प्रति एक्सल भार क्षमता के मानक के अनुरूप तैयार किया जाएगा. इससे भारी मालगाड़ियों के परिचालन की क्षमता बढ़ेगी. झारखंड की खदानों से बरौनी, बाढ़ एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक कोयला पहुंचाने में यह रेलखंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

रोजाना करीब 20 मालगाड़ियों के परिचालन को मिलेगा फायदा

इस रेलखंड पर रोजाना करीब 20 मालगाड़ियों के परिचालन को देखते हुए दोहरीकरण से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. दोहरी लाइन उपलब्ध होने के बाद मालगाड़ियों के परिचालन के लिए अधिक क्षमता मिल सकेगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों तक माल पहुंचाने में सुविधा होगी.

यात्री ट्रेनों के परिचालन में भी होगा सुधार

रेलखंड के दोहरीकरण से यात्री ट्रेनों के परिचालन में भी सुधार होने की संभावना है. ट्रेनों के क्रॉसिंग की समस्या कम होने से समय-पालन और गति बेहतर हो सकती है. इससे यात्रियों को ट्रेनों के परिचालन में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है.

राजगीर-नालंदा-पावापुरी की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

राजगीर, नालंदा और पावापुरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. दोहरी रेल लाइन बनने के बाद इस क्षेत्र में यात्री ट्रेनों के परिचालन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.

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By अमर वर्मा

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