बिहारशरीफ के थवई मोहल्ले में 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हादसा हो गया. एक किशोर को बचाने के प्रयास में महिला समेत उसके दो बेटे भी करंट की चपेट में आ गए. इस दर्दनाक घटना में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बाकी लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. हादसे के बाद सदर अस्पताल में परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया.
कैसे हुआ हादसा
घटना बिहार थाना क्षेत्र के थवई मोहल्ले की है, जहां घरों के बेहद करीब से 11 हजार वोल्ट का बिजली तार गुजर रहा है. स्थानीय निवासी मोहम्मद महताब का बेटा सागर घर की छत के पास बैठा हुआ था. इसी दौरान अचानक उसका हाथ हाईटेंशन तार से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गया.
सागर इस हादसे में बुरी तरह झुलस गया. उसका बायां हाथ पूरी तरह जल गया है और उंगलियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
बचाने दौड़े तो खुद हुए शिकार
घायल महिला रौशन खातून ने बताया कि सागर को तड़पता देख वह उसे बचाने के लिए दौड़ीं. इसी दौरान उनके बेटे भी मौके पर पहुंचे और एक-एक कर सभी करंट की चपेट में आ गए.
इस हादसे में उनके बेटे फिरोज, राजा समेत अन्य लोग झुलस गए. गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय फिरोज को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. वहीं अन्य घायलों का इलाज जारी है.
मोहल्ले के लोगों ने बचाई जान
घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई बंद कराई, जिससे और बड़ा हादसा होने से बच गया. इसके बाद सभी घायलों को तुरंत बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचाया गया.
अस्पताल में हंगामा
सदर अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने डॉक्टरों पर समय पर और सही इलाज नहीं करने का आरोप लगाया. करीब एक घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामा होता रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा.
सूचना मिलते ही सदर डीएसपी वन के नेतृत्व में बिहार थाना और लहेरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. पुलिस की मौजूदगी में मामला शांत कराया गया.
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद इलाके में बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि घरों के इतने करीब से हाईटेंशन तार गुजरना बेहद खतरनाक है, लेकिन इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया.
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है. एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया, जबकि कई लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. अब लोगों की मांग है कि ऐसे खतरनाक तारों को जल्द हटाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
