मुख्यमंत्री नल-जल योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन हिलसा प्रखंड की बारा पंचायत के वार्ड संख्या-1 स्थित कन्हाई बिगहा गांव में यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है.
गांव में पाइपलाइन और नल लगाए जाने के बावजूद दो दर्जन से अधिक परिवार पिछले करीब छह माह से पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं. भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को चापाकल एवं अन्य स्रोतों से पानी लाकर अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं.
वार्ड सदस्य पर लगे गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वार्ड सदस्य का घर बोरिंग के समीप है और उन्होंने अपने घर तक मोटे पाइप से अलग कनेक्शन ले रखा है. इससे मोटर के आसपास के कुछ घरों तक ही पर्याप्त पानी पहुंच पाता है, जबकि अधिकांश घरों में नलों से पानी नहीं आता.
लोगों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गांव में महज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है. ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. समस्या का वीडियो बनाकर संबंधित कार्यालय को भी भेजा गया, बावजूद इसके जलापूर्ति बहाल नहीं की गई.
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आश्वासन
इस संबंध में पीएचईडी के जेई चंदन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. शिकायत की जांच कराई जा रही है. जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान कर प्रभावित घरों तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा. वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंदन कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था. अब शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
ग्रामीणों की मांग और उपस्थित लोग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नल-जल योजना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा सभी घरों तक नियमित और समान रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार को मिल सके.
गुरुवार को ग्रामीण एकजुट हुए जिसमें संजय कुमार, सत्येंद्र कुमार, विजय कुमार सिन्हा, शिवजी पासवान, जितू पासवान, सिदेश्वर पासवान, सुलेन्द्र कुमार, नीतीश कुमार, राजकुमार राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए और जल्द कार्रवाई की मांग की.
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