Rajgir Martyrs Evening : राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार की शाम देशभक्ति के रंग में रंगी रही. सैनिकों और शहीदों की वीरता एवं त्याग को समर्पित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी. भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया.
दीप प्रज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन सैनिक कल्याण निदेशालय के क्षेत्रीय पदाधिकारी राजेश कुमार वर्मा और भूमि सुधार उपसमाहर्ता राजीव रंजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीद जवानों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया.
शहीदों का बलिदान देश की अमूल्य धरोहर
राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों का बलिदान भारत की अमूल्य धरोहर है. सैनिक अपने परिवार और सुख-सुविधाओं से दूर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चुनौतियों का सामना करते हैं. उनके त्याग के कारण देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं.
युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना का संदेश
उन्होंने कहा कि शहीदों को याद करना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का अवसर भी है. ‘एक शाम शहीदों के नाम’ जैसे आयोजन युवा पीढ़ी में देशभक्ति, राष्ट्रसेवा और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं.
शहीदों की वीरगाथा से प्रेरणा लेने की अपील
भूमि सुधार उपसमाहर्ता राजीव रंजन ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की चिंता किए बिना बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनके आदर्शों को जीवन में उतारकर देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत किया जाए.
संगीत के जरिए देशभक्ति का संदेश
राजीव रंजन ने कहा कि संगीत और संस्कृति के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है. युवाओं को शहीदों की वीरगाथाओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए.
‘सारे जहां से अच्छा’ से शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत ‘सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा’ की धुन से हुई. देशभक्ति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति ने पूरे सभागार में राष्ट्रप्रेम का माहौल बना दिया. इसके बाद कलाकारों ने एक के बाद एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की तालियां बटोरीं.
कुमार ब्रजेश ने बांधा समां
आकाशवाणी के लोक कलाकार कुमार ब्रजेश ने कई लोकप्रिय देशभक्ति और भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किए. उन्होंने ‘है प्रीत जहां की रीत सदा’, ‘भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात बताता हूं’ और ‘चिट्ठी आई है’ समेत कई गीतों की प्रस्तुति दी. गीतों के माध्यम से देशप्रेम, सैनिकों के त्याग और अपनों से दूर रहने की भावनाओं को प्रस्तुत किया गया.
साधना झा की प्रस्तुति पर बजी तालियां
रेडियो कलाकार साधना झा ने ‘मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू’ और ‘चलो सजना जहां तक घटा चले’ समेत कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए. उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने देर तक तालियां बजाईं और कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया.
शहीदों के प्रति सम्मान का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्य की भावना का संदेश दिया गया. देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए वीर जवानों के योगदान को नमन किया गया.
