Nalanda News : नालंदा जिला के हिलसा प्रखंड के पूना गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाला मार्ग बरसात के दिनों में दलदल में तब्दील हो गया है. सड़क की बदहाल स्थिति के कारण नौनिहाल पीठ पर बस्ता और हाथ में चप्पल लेकर कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं. हर दिन फिसलने और चोटिल होने के खतरे के बीच बच्चों का स्कूल जाना ग्रामीणों की चिंता का कारण बन गया है.
कीचड़ और जलजमाव से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक पक्की सड़क बनी हुई है, लेकिन विद्यालय तक पहुंचने वाला अंतिम रास्ता अब भी कच्चा है. बारिश के दौरान यह पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है. इससे बच्चों के कपड़े और जूते गंदे हो जाते हैं और कई बार वे फिसलकर घायल भी हो जाते हैं. खराब रास्ते के कारण बच्चों का विद्यालय जाने का उत्साह भी प्रभावित हो रहा है.
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय ग्रामीण शंभु प्रसाद, संदीप कुमार, गोपाल प्रसाद, पंकज यादव, सोनू कुमार, आकाश कुमार, गोलू कुमार, प्रमोद कुमार, संजीव कुमार, अनिल प्रसाद, देवेंद्र प्रसाद, संदीप राम, उपेंद्र कुमार, बबलू प्रसाद, रितेश कुमार और भूषण प्रसाद ने बताया कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
विद्यालय में 150 बच्चे, उपस्थिति भी हो रही प्रभावित
पूना पंचायत के सरपंच मनीष कुमार ने बताया कि विद्यालय मार्ग के निर्माण के लिए कई बार पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका कुमारी अंजली ने कहा कि पक्की सड़क नहीं होने से बरसात में शिक्षक और विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कीचड़ के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है. विद्यालय में वर्तमान में 150 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और छह शिक्षक कार्यरत हैं.
बीडीओ बोले- अगले महीने योजना में शामिल किया जाएगा
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंदन कुमार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था. जानकारी मिलने के बाद सड़क निर्माण प्रस्ताव को अगले महीने पंचायत समिति की बैठक में योजना के तहत शामिल किया जाएगा, ताकि जल्द ही ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की समस्या का समाधान किया जा सके.
