मानसून की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, धान की रोपनी प्रभावित

शेखपुरा में मानसून की कमी के कारण धान की रोपनी बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसान निजी नलकूपों के सहारे खेती करने को मजबूर हैं। जानें पूरी रिपोर्ट।

फोटो. निजी नलकूप से अरियरी मे धान की रोपनी करते महिला मजदूर  शेखपुरा. जिले में मानसून की कमजोर स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले दो महीनों में सामान्य वर्षा की तुलना में केवल करीब 25 प्रतिशत बारिश होने से खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. किसान किसी तरह निजी नलकूपों के सहारे धान की नर्सरी तैयार करने और रोपनी का कार्य करने में जुटे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की रोपनी व्यापक रूप से प्रभावित हो रही है. जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में जिले के लिए सामान्य वर्षा 324 मिमी निर्धारित है, जबकि इस बार केवल 87.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. जून में सामान्य वर्षा 165.2 मिमी के मुकाबले मात्र 48.1 मिमी वर्षा हुई. वहीं जुलाई में अब तक 260.5 मिमी के सामान्य आंकड़े के विरुद्ध सिर्फ 19.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. लगातार कम वर्षा से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है और किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है. कृषि विभाग के अनुसार, जिले में धान के बिचड़ा (नर्सरी) बोने का लक्ष्य 2,833 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था. इसके विरुद्ध किसानों ने लगभग 85 प्रतिशत यानी 2,423 हेक्टेयर  में धान का बिचड़ा तैयार कर लिया है. हालांकि पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण अब तक धान की रोपनी गति नहीं पकड़ सकी है. एकसारी गांव के किसान सुरेश महतो ने बताया  कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपनी और फसल उत्पादन दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है.कृषि विभाग किसानों को उपलब्ध संसाधनों से सिंचाई करने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दे रहा है. जिले में किसान अब अच्छी बारिश की उम्मीद में आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं.

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Author: Ranjeet kumar

Published by: Janardan Pandey

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