रक्षा बंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस विशेष अवसर पर बच्चों ने वृक्षों को राखियां बांधकर उन्हें हरित भाई के रूप में अंगीकृत किया और पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लिया.

राजगीर. नालंदा वन प्रमंडल द्वारा बिहारशरीफ कार्यालय परिसर के अलावे हिलसा, राजगीर, नेचर सफारी एवं विशेष प्रक्षेत्रों पार्को, इको पर्यटन स्थलों पर शनिवार को रक्षा बंधन का पर्व पर्यावरण हितैषी रूप में मनाया गया. इस कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, समाजसेवकों, स्थानीय ग्रामीणों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण एवं वनकर्मियों की सहभागिता रही. कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक पर्व रक्षा बंधन के माध्यम से वृक्षों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है. इस विशेष अवसर पर बच्चों ने वृक्षों को राखियां बांधकर उन्हें हरित भाई के रूप में अंगीकृत किया और पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लिया. इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार एम ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं. जिस प्रकार हम अपने भाई की रक्षा की कामना करते हैं, उसी प्रकार पेड़ों की रक्षा कर हम आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण दे सकते हैं. उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हरित रक्षा बंधन न केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन है, बल्कि यह एक आंदोलन है, जो पेड़-पौधों के महत्व को रेखांकित करता है. नालंदा वन प्रमंडल कार्यालय परिसर में यह कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. स्कूली बच्चे कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया. बच्चों ने अपने हाथों से बनायी गयी राशियों को पेड़ों पर बांधीं और पौधारोपण भी किया. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शपथ ली कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करेंगे, हरे पेड़ों की कटाई को रोकने का प्रयास करेंगे तथा लोगों को इसके प्रति प्रेरित करेंगे. यह आयोजन नालंदा वन प्रमंडल द्वारा चलाया जा रहा हरित नालंदा मिशन का हिस्सा है. जिले को हरा-भरा बनाने की दिशा में यह एक ठोस पहल है. रक्षा बंधन जैसे पारंपरिक त्योहारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज में हरियाली और जागरूकता फैलाने का यह प्रयास सराहनीय है. जू सफारी में भी किया गया पेड़ों का रक्षाबंधन : राजगीर के जू सफारी में शनिवार को वृक्ष सुरक्षा दिवस उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया. इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रकृति, पर्यावरण और वृक्षों के संरक्षण के प्रति जनसमुदाय में चेतना फैलाना है. कार्यक्रम की शुरुआत पेड़ों को राखी बांधकर की गयी. इस कार्यक्रम में जू सफारी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए. इस भावनात्मक पहल के जरिए पेड़ों के प्रति प्रेम और सुरक्षा का संदेश दिया गया. जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम ने कहा कि वृक्ष सिर्फ पर्यावरण का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि हमारे जीवन का आधार हैं. राजगीर जू सफारी न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है, बल्कि हरियाली बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है. कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक अजय कुमार, पशुचिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजित कुमार, वनपाल निरंजन कुमार सहित बड़ी संख्या में वनरक्षी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे. राजगीर के गोलाघाट में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण किया गया. इस अवसर पर वृक्षों में सामूहिक रूप से राखी बांध कर संकल्प लिया गया कि जीवन में हरे पेड़ नहीं काटेंगे, पेड़ पौधों की अंधाधुंध कटाई का बुरा प्रभाव समाज में दिखने लगा है. इस मौके पर पर्यावरण प्रेमी सिकंदर कुमार हरिओम ने कहा कि जीवन में पेड़ का होना बहुत आवश्यक है. हरियाली लाने के लिए केवल पौधे लगाने से जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती है. जीवन भर उसकी रक्षा करनी होगी. पर्यावरण शुद्ध जल, हवा और अन्य के स्रोत हैं. जीवन को बेहतर बनाने के लिए इसकी रक्षा जरूरी है.

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Published by: Amlesh prasad

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