वेतनमान और नियमित की मांग को लेकर ग्राम कचहरी सचिवों की बैठक
बिहारशरीफ. ग्राम कचहरी सचिव संघ के बैनर तले मंगलवार को बिहारशरीफ स्थित अराजपत्रित कर्मचारी संघ के कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिलेभर के सचिवों ने एक स्वर से सरकार से नियमित और वेतनमान और स्थायी नियुक्ति की मांग उठायी. साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो 20 सितंबर को जिला मुख्यालय में सरकार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला जायेगा. बैठक की अध्यक्षता संघ के सचिव अनूप कुमार ने कहा कि ग्राम कचहरी सचिव पिछले 18 वर्षों से संविदा पर काम कर रहे हैं. शुरुआत वर्ष 2007 में मात्र 2000 रुपये मानदेय पर बहाली हुई थी. इसके बाद 2015 में मानदेय बढ़ाकर 6000 रुपये किया गया और 2025 में महज 3000 रुपये और बढ़ाकर 9000 रुपये कर दिया गया. आखिर इतने कम वेतन पर एक परिवार का भरण-पोषण कैसे संभव है? ग्राम कचहरी सचिवों से न सिर्फ पंचायत स्तर पर कार्य लिया जाता है, बल्कि प्रखंड कार्यालय से लेकर चुनावी ड्यूटी, बाढ़ राहत और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में भी लगातार लगाया जाता है. इसके बावजूद उन्हें न तो नियमित कर्मचारी का दर्जा मिलता है और न ही पर्याप्त मानदेय. उन्होंने इसे सरकार की उपेक्षा बताते हुए कहा कि सचिवों की स्थिति बेहद दयनीय हो गयी है. वर्तमान में नालंदा जिले में कुल 239 ग्राम कचहरी सचिव कार्यरत हैं. सभी की माली हालत काफी खस्ता है. सचिव अपने परिवार का गुजर-बसर करने में असमर्थ हो रहे हैं. कई बार तो बच्चों की पढ़ाई और परिवार के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है. सरकार द्वारा वर्षों से हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए नजरअंदाज किया जा रहा है. यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. बैठक में संघ मुकेश कुमार, कमलेश कुमार, दिलीप कुमार, खुशबू कुमारी, सुनील कुमार, पूजा शास्त्री, मनोज कुमार, अनिल कुमार वर्मा, मनीषा, आशाफी कुमारी, सीता, ममता रानी, अनमोल कुमार व अन्य कर्मी मौजूद थे.
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