मलमास मेला अब अंतिम दौर में, रात को उमड़ रही हैं रिकॉर्ड भीड़, दिन में भीषण गर्मी से वीरान

Malmas Mela 2026 : राजगीर का राजकीय मलमास मेला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इस बार मेले की तस्वीर कुछ बदली-बदली नजर आ रही है. भीषण गर्मी के कारण दिन में जहां मेला क्षेत्र लगभग सूना दिखाई देता है, वहीं शाम ढलते ही पूरा परिसर श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ से गुलजार हो उठता है.

Malmas Mela 2026 : (रामविलाश) राजगीर का राजकीय मलमास मेला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इस बार मेले की तस्वीर कुछ बदली-बदली नजर आ रही है. भीषण गर्मी के कारण दिन में जहां मेला क्षेत्र लगभग सूना दिखाई देता है, वहीं शाम ढलते ही पूरा परिसर श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ से गुलजार हो उठता है। मेले के अंतिम दिनों में रात की रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है.

दिन में पसरा रहता है सन्नाटा, कर्फ्यू जैसा दिखता है मेला

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दिन के समय अधिकांश लोग घरों या विश्राम स्थलों में रहना पसंद कर रहे हैं। इसका असर मेले पर साफ दिखाई दे रहा है. दोपहर के समय कई दुकानें बंद रहती हैं और पूरा मेला परिसर लगभग वीरान नजर आता है. हालात ऐसे दिखते हैं मानो मेले में कर्फ्यू जैसा माहौल हो.

शाम ढलते ही बदल जाती है मेले की तस्वीर

सूर्यास्त के बाद राजगीर का मलमास मेला पूरी तरह बदल जाता है। रंग-बिरंगी रोशनियों से सजा मेला क्षेत्र जीवंत हो उठता है। ब्रह्मकुंड, बाजार, झूला क्षेत्र और मनोरंजन पंडालों में लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। रात के समय कई स्थानों पर इतनी भीड़ हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

दुकानदारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

खाद्य पदार्थ, खिलौने, हस्तशिल्प और धार्मिक सामग्री बेचने वाले दुकानदारों का कहना है कि दिन की तुलना में रात में ग्राहकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. देर रात तक खरीदारी का दौर चलता रहता है, जिससे कारोबार में अच्छी तेजी आई है.

मनोरंजन कारोबारियों की उम्मीदों पर गर्मी का असर

मेले में लगे सर्कस, थिएटर, जादू शो, जलपरी प्रदर्शन और झूले अभी भी अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा पा रहे हैं। कई कार्यक्रमों में सीटें खाली रह जाती हैं. दर्शकों को आकर्षित करने के लिए थिएटर के डीसी श्रेणी के टिकट का मूल्य 1200 रुपये से घटाकर 500 रुपये तक कर दिया गया है, लेकिन फिर भी भीड़ उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ी है.

ब्रह्मकुंड में सुबह-शाम उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

ब्रह्मकुंड और अन्य पवित्र कुंडों में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह और शाम के समय चरम पर रहती है। दोपहर में गर्मी के कारण संख्या कम हो जाती है, लेकिन शाम होते ही एक बार फिर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं और धार्मिक उत्साह का माहौल बन जाता है.

भीड़ बढ़ने के साथ प्रशासन भी अलर्ट

मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा कर्मी अपने-अपने स्थानों पर तैनात हैं. सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

दूसरे शाही स्नान के बाद बढ़ी मेले की रौनक

मेला ठेकेदार संजय कुमार सिंह और पूर्व ठेकेदार डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मेले के शुरुआती दिनों में अपेक्षित उत्साह नहीं दिखा था, लेकिन दूसरे पखवाड़े और विशेष रूप से दूसरे शाही स्नान के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अंतिम दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

अंतिम दौर में चरम पर पहुंचा मलमास मेले का उत्साह

भीषण गर्मी के बावजूद रात के समय राजगीर का मलमास मेला पूरी चमक के साथ लोगों को आकर्षित कर रहा है. मेले के समापन से पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती भीड़ यह संकेत दे रही है कि अंतिम दिनों में मेले की रौनक अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच सकती है.

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By Vivek Singh

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