राजगीर मलमास मेला को बदनाम करने की साजिश, AI से बनाया फर्जी हादसों का वीडियो , प्रशासन अलर्ट

Malmas Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेला 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से तैयार किए गए फर्जी वीडियो तेजी से वायरल किए जा रहे हैं. इन वीडियो में झूला टूटने, लोगों के गिरने और दुकानों में आग लगने जैसी घटनाएं दिखाकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है.

Malmas Mela 2026 : (सुनील कुमार) विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेला 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से तैयार किए गए फर्जी वीडियो तेजी से वायरल किए जा रहे हैं. इन वीडियो में झूला टूटने, लोगों के गिरने और दुकानों में आग लगने जैसी घटनाएं दिखाकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

वायरल वीडियो को प्रशासन ने बताया पूरी तरह फर्जी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मलमास मेले में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है. सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो पूरी तरह भ्रामक और वास्तविकता से परे हैं. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी वीडियो या पोस्ट पर विश्वास न करें.

फर्जी वीडियो फैलाने वालों की तलाश शुरू

प्रशासन ने वायरल सामग्री से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट और आईडी की पहचान शुरू कर दी है. साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन वीडियो को तैयार और प्रसारित करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं.

व्यूज और फॉलोअर्स की होड़ में AI का दुरुपयोग

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ लोग अधिक व्यूज, लाइक्स और फॉलोअर्स पाने के लिए एआई तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं. ऐसे वीडियो न केवल लोगों में दहशत फैलाते हैं, बल्कि धार्मिक और पर्यटन आयोजनों की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं.

मलमास मेले की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

प्रशासन का मानना है कि फर्जी वीडियो के जरिए राजगीर मलमास मेले की प्रतिष्ठा और पर्यटन गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. हर 12 वर्ष पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी जताई चिंता

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर मेले को बदनाम करने के उद्देश्य से अफवाहें फैला रहे हैं. उन्होंने लोगों से किसी भी वायरल वीडियो की सत्यता जांचने के बाद ही उसे साझा करने की अपील की.

मेले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भरोसा दिलाया है कि मलमास मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि फर्जी वीडियो बनाने, साझा करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है.

श्रद्धालुओं से की गई खास अपील.

प्रशासन ने कहा है कि राजगीर मलमास मेले में आने वाले श्रद्धालु किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. किसी भी सूचना की पुष्टि प्रशासनिक स्रोतों से करें और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सामग्री को आगे साझा करने से बचें.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

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