हिलसा : लोकायन नदी का जलस्तर 3.50 मीटर पहुंचा, चार बार टूट चुका धुरी बिगहा तटबंध, लोगों की बढ़ी चिंता

लोकायन नदी के बढ़ते जलस्तर ने नालंदा के हिलसा प्रखंड में चिंता बढ़ा दी है. तटबंधों पर दबाव बढ़ने और पिछले साल धुरी बिगहा तटबंध टूटने के इतिहास को देखते हुए ग्रामीण बाढ़ की आशंका से घबराए हुए हैं. प्रशासन सतर्क है और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी गई है.

Hilsa Flood News : नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली लोकायन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गयी है. गुरुवार को नदी का जलस्तर सुबह तीन मीटर था, जो दोपहर में बढ़कर 3.20 मीटर और शाम तक 3.50 मीटर पहुंच गया.

पचासपर में तटबंध रिसाव की रात में मरम्मत

जलस्तर बढ़ने के साथ तटबंधों पर पानी का दबाव भी बढ़ गया है. पचासपर गांव के समीप बुधवार को तटबंध में पानी का रिसाव होने की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. हालांकि सूचना मिलते ही प्रशासन और जल संसाधन विभाग सक्रिय हुआ और रिसाव वाले स्थल की मरम्मत करा दी गयी.

बुधवार रात विभाग के जेई हिमांशु कुमार मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने रिसाव वाले हिस्से में बालू से भरे सैंडबैग लगाकर मरम्मत कार्य कराया. इसके बाद रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया.

डोमना बिगहा स्कूल के पास पहुंचा बाढ़ का पानी

लोकायन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर अब गांवों और विद्यालयों तक भी दिखने लगा है. कोरावां पंचायत के प्राथमिक विद्यालय डोमना बिगहा के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है. विद्यालय जाने वाले रास्ते पर घुटनेभर पानी जमा हो गया है.

बच्चों और शिक्षकों को इसी पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है. इससे छोटे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है. अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.

पानी बढ़ने पर दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो विद्यालय परिसर में भी पानी प्रवेश कर सकता है. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है. मुखिया प्रतिनिधि तरुण रजक ने बताया कि विद्यालय के पास जलजमाव की स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग को दे दी गयी है.

पानी में प्रवेश कर प्राथमिक विद्यालय जाते हुए बच्चे. फोटो - प्रभात खबर

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नितेश कुमार रंजन ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को विद्यालय बंद है. आगे जलस्तर और बढ़ने पर स्थिति की समीक्षा की जायेगी. यदि विद्यालय में पठन-पाठन कराना संभव नहीं हुआ तो बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजकर पढ़ाई की व्यवस्था की जा सकती है.

चार बार टूट चुका है धुरी बिगहा का तटबंध

लोकायन नदी में बाढ़ को लेकर इस बार सबसे अधिक चिंता कोरावां पंचायत के धुरी बिगहा के समीप तटबंध को लेकर है. पिछले वर्ष 2025 में लोकायन नदी में चार बार बाढ़ का पानी आया था और ग्रामीणों के अनुसार चारों बार धुरी बिगहा के समीप तटबंध टूटने से आसपास के कई पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था.

तटबंध टूटने से धान समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ था. किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ से हुए नुकसान के बावजूद अधिकांश प्रभावित किसानों को अब तक सरकार की ओर से मुआवजा नहीं मिल सका है.

वर्ष 2026 में आ चुकी है दो बार बाढ़

वर्ष 2026 में भी लोकायन नदी में अब तक दो बार बाढ़ का पानी आ चुका है. नदी का जलस्तर फिर बढ़ने के बाद धुरी बिगहा के तटबंध को लेकर आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है. लोगों की निगाहें अब धुरी बिगहा के तटबंध पर टिकी हुई हैं.

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई और तटबंध पर दबाव बढ़ा तो पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है.

तटबंध की मरम्मत के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारी

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, तटबंधों की निगरानी तेज

सीओ कुमारी रूपम शर्मा ने बताया कि लोकायन नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है.

प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है. सभी प्रमुख और संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है. पचासपर के समीप तटबंध में हुए रिसाव की मरम्मत करा दी गयी है. किसी भी स्थान पर समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

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लेखक के बारे में

By संतोष कुमार पार्थ

संतोष कुमार पार्थ वर्ष 2013 से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में हिलसा अनुमंडल मुख्यालय से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. स्थानीय जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं.

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