कपसियावां में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव धूमधाम से संपन्न, भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु

Biharsharif News : कपसियावां गांव में श्रीश्री 1008 श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह महायज्ञ के छठे दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया. पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन से गांव भक्तिमय रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

Biharsharif News : हिलसा प्रखंड के कपसियावां गांव में आयोजित श्रीश्री 1008 श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह महायज्ञ के छठे दिन बुधवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ. पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और कथा प्रवचन से गांव का वातावरण भक्तिमय बना रहा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए.

पालकी यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रातःकाल भगवान श्रीकृष्ण को आकर्षक ढंग से सुसज्जित पालकी पर विराजमान कर पूरे गांव में भव्य नगर भ्रमण कराया गया. पालकी यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयघोष करते हुए शामिल हुए. यात्रा के कारण पूरे गांव में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला.

वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ विवाह महोत्सव

रात्रि में कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का दिव्य विवाह वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया. विवाह प्रसंग का मनोहारी मंचन और भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. भजनों, मंगलगीतों और पुष्पवर्षा से पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो गया.

कथा वाचकों ने बताया आध्यात्मिक महत्व

कथा वाचिका सुश्री राजलक्ष्मी जी और पंडित आनंद राज जी महाराज ने अपने प्रवचनों में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा, अटूट विश्वास और निष्काम भक्ति से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है. उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण-रुक्मिणी का विवाह धर्म, प्रेम, समर्पण और मर्यादा का प्रतीक है, जो मानव जीवन को आदर्श मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

मुख्य यजमान परिवार ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

महायज्ञ के मुख्य यजमान सुरेंद्र शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी सियामनी देवी रहे. उनके पुत्र राजीव कुमार और पुत्रवधू पुन्नी देवी ने भी पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय भागीदारी निभाई. मंच संचालन आरजे अनितेश कश्यप ने किया, जबकि कथा संचालन हरि बाबा ने किया.

दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु

महायज्ञ में नालंदा जिले सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. श्रद्धालुओं ने कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया और आयोजन समिति की व्यवस्थाओं की सराहना की. पूरे दिन कपसियावां गांव धार्मिक उल्लास और भक्ति के रंग में रंगा रहा.

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Author: Santosh Kumar

Published by: Yuvraj Ratan

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