सिलाव. स्थानीय प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को राजमिस्ञियों के दस दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण का समापन हुआ, जिसमें ग्रामीण विकास और परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने किट और सर्टिफिकेट वितरित किए. इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि बिहार को टॉप 5 राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए आमलोगों का सहयोग आवश्यक है. मंत्री ने बताया कि भारत सरकार और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयास से प्रखंड के 25 राजमिस्ञियों को आपदा प्रबंधन के तहत 10 दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया. इस प्रशिक्षण में भूकंप, बाढ़, आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए भवन निर्माण की नई तकनीकों का अध्ययन कराया गया. मंत्री श्रवण कुमार ने आगे कहा कि बिहार राज्य को बेहतर बनाने के लिए सभी को जागरूक किया जा रहा है और इस दिशा में महिलाएं भी बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं. जीविका के माध्यम से 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये की राशि भेजी गई है. उन्होंने बताया कि 2005 में जब नीतीश कुमार की सरकार बनी थी, तब विश्व बैंक से ऋण लेकर राज्य में विकास कार्य शुरू किए गए थे. आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास की दिशा में कार्य कर रही है. मंत्री ने यह भी कहा कि जीविका में गरीब लोग जुड़ रहे हैं और सभी लोग इसमें भागीदारी चाहते हैं. मंत्री ने प्रशिक्षित राजमिस्ञियों से कहा कि यह प्रशिक्षण रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए दिया गया है, न कि सरकारी नौकरी के रूप में देखा जाए. उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना के समय इन प्रशिक्षित राजमिस्ञियों से सहायता मिलेगी. इस अवसर पर सभी प्रशिक्षित राजमिस्ञियों को औजारों का किट भी दिया गया. इसके अलावा, आंधी-तूफान से ध्वस्त हुए एक मुर्गी फार्म के मालिक को आपदा राहत के तहत 10,000 रुपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से दी गई. इस कार्यक्रम में एसटी ग्रुप के चेयरमैन प्रभात कुमार सिन्हा, अंचलाधिकारी आकाशदीप, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रहलाद कुमार, और जदयू के प्रखंड अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे.
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