Nalanda News: काशी विश्वनाथ धाम से कैलाश मानसरोवर की मुक्ति और निर्बाध दर्शन का संदेश लेकर निकली अंतरराज्यीय 'कैलाश मानसरोवर मुक्ति यात्रा' रविवार को नालंदा जिले के ऐतिहासिक पर्यटन शहर राजगीर पहुंची. पटना, सुल्तानगंज, बाबा वैद्यनाथ धाम, बासुकीनाथ, दुमका, तारापीठ, रजरप्पा और झुमरी-तिलैया होते हुए राजगीर पहुंचने पर स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने यात्रा का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया. राजगीर में अल्प विश्राम के पश्चात यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालु अपने अगले पड़ाव ज्ञानपीठ नालंदा के लिए रवाना हो गए.
10 दिनों तक चार राज्यों के धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगी यात्रा
यात्रा के मुख्य संयोजक एवं भारत-तिब्बत मैत्री संघ (उत्तर प्रदेश) के महासचिव अंजनी कुमार मिश्र ने यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कैलाश मानसरोवर मुक्ति यात्रा का आयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि दस दिनों तक चलने वाली यह विशेष जागरूकता यात्रा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न प्रमुख एवं पौराणिक धार्मिक स्थलों से गुजरते हुए पुनः वाराणसी पहुंचकर संपन्न होगी. उन्होंने कहा कि सावन के पावन महीने में जब देशभर से लाखों श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं, उसी समय इस यात्रा के माध्यम से कैलाश मानसरोवर की धार्मिक गरिमा और तिब्बत से जुड़े विषयों के प्रति जन-जागरूकता फैलाई जा रही है.
तिब्बत पर चीनी नियंत्रण से श्रद्धालुओं को उठानी पड़ रही है परेशानी
यात्रा में शामिल सुरुचि कला समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं 'तिब्बत देश' पत्रिका के संपादक प्रो. श्याम नाथ मिश्र ने कहा कि कैलाश मानसरोवर सनातन धर्मावलंबियों के आराध्य देव भगवान शिव से जुड़ा अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल है. उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि पूर्व में भारतीय श्रद्धालु बिना किसी बाधा के अत्यंत सहजता से वहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते थे. हालांकि, तिब्बत पर चीन के अवैध नियंत्रण के बाद से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कड़े नियमों और अनुमति की आवश्यकता पड़ने लगी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कैलाश मानसरोवर के बिना किसी रुकावट के निर्बाध दर्शन की मांग को देशव्यापी जन-जागरूकता से जोड़ना है.
यात्रा में विभिन्न राज्यों के 40 श्रद्धालु हैं शामिल
इस 10 दिवसीय कैलाश मानसरोवर मुक्ति यात्रा में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 40 श्रद्धालु और कार्यकर्ता शामिल हैं. यात्रा दल में मुख्य रूप से अर्चना पांडेय, अटल बिहारी पांडेय, चंद्रशेखर मिश्र, अजय सिंह, राजीव सिंह, सोनू, निकु, सोनाली कुमारी, गूंजा और सृष्टि सहित कई अन्य प्रमुख लोग शामिल हैं, जो जगह-जगह लोगों को संदेश देकर जागरूक कर रहे हैं.
