बिहारशरीफ. नालंदा की जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने गुरुवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 32 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना. उन्होंने प्रत्येक मामले की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीएम ने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जनता दरबार में गौपालन से संबंधित एक मामले पर सुनवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने जिला गव्य विकास पदाधिकारी को शीघ्र कार्रवाई कर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया. वहीं सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की शिकायत पर हिलसा के अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को संयुक्त रूप से आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके. जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने की शिकायत को गंभीर मानते हुए डीएम ने बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसी प्रकार भूमि से संबंधित फर्जी रसीद रद्द कराने के आवेदन पर अपर समाहर्ता को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया. आम रास्ते को अवरुद्ध किए जाने की शिकायत पर जिला पदाधिकारी ने बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित पुलिस पदाधिकारी को स्थल जांच कर रास्ता बहाल कराने की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया. वहीं छठ घाट पर नाला निर्माण कार्य से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए नगर आयुक्त, नगर निगम बिहारशरीफ को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए. जनता दरबार में तीन महीने बीत जाने के बावजूद सीएनजी कनेक्शन नहीं मिलने की शिकायत भी सामने आयी. इस मामले में डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को संबंधित एजेंसी से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराने का निर्देश दिया. वहीं बंद राशन कार्ड को पुनः चालू कराने से संबंधित आवेदन पर भी जिला आपूर्ति पदाधिकारी को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया गया. इसके अलावा भूमि विवाद, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जनवितरण प्रणाली तथा अन्य विभागों से संबंधित कई आवेदन भी जनता दरबार में प्राप्त हुए. जिला पदाधिकारी ने सभी मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ किया जाए, ताकि आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें.
जनता दरबार में 32 मामलों की सुनवाई
नालंदा की डीएम उदिता सिंह ने जनता दरबार में 32 मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान करने का सख्त निर्देश दिया है।

जनता दरबार की सुनवाई करते हुए नालंदा डीएम उदिता सिंह | Prabhat Khabar Network