प्रखंड क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी जबरदस्त बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. प्रखंड क्षेत्र के बगल से गुजरने वाली हरोहर नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है.
घाटकुसुंभा. प्रखंड क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी जबरदस्त बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. प्रखंड क्षेत्र के बगल से गुजरने वाली हरोहर नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन, अभी नदी का जल खेत-खंधा में प्रवेश नहीं कर पाया है. लेकिन बारिश के पानी से खेतों में लगे धान के फसल के अलावे बड़े भूभाग पर लगे सैकड़ों एकड़ में लगे मकई और हरा चारा के फसल जलमग्न हो गया है. गांवो के आसपास भारी जलजमाव हो जाने के कारण लोगों को आने-जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. लगातार बारिश के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो रहे है. जिले का यह टाल क्षेत्र प्रत्येक साल जलभराव और बाढ़ का सामना करता है. जिले में लगातार हो रही बारिश और आसपास के जिलों के बारिश के कारण और जिले के सभी बरसाती नदियों में भी धार देखी जा रही है.जिले के टाटी, नाटी, कौडियारी, सूमो आदि नदियों में भी तेजधार बहना शुरू हो गया है. लगातार हो रही बारिश से खेती-किसानी में जुड़े लोगों के बीच हर्ष देखा जा रहा है. सांख्यिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को जिले के घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर से सबसे अत्यधिक 56.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. जबकि, बारिश का यह वेग सदर प्रखंड शेखपुरा में 35.2 मिलीमीटर दर्ज किया गया. शेखोपुरसराय क्षेत्र में 27.2 मिली मीटर और बरबीघा प्रखंड क्षेत्र में 16.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी. जिले के अरियरी और चेवाडा प्रखंड क्षेत्र में नाम मात्र की बूंदाबांदी देखी गई रविवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे और लोगों को बूंदाबांदी का सामना करते रहना पड़ा. बूंदाबांदी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जहां हर्ष देखा जा रहा है. कई अधिकारियों के आवास के आसपास जलजमाव
वहीं शहरी क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बाजारों में कम भीड़भाड़ देखी जा रही है. कई सरकारी कार्यालय और अधिकारियों के आवास के आसपास जलजमाव की समस्या भी बनती जा रही है. लगातार बूंदाबांदी के कारण दिन और रात में एक समान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सूर्य नहीं निकलने के कारण लोगों को भींगे कपड़े सुखाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लगातार बूंदाबांदी और मध्यम दर्जे की हवा चलने के कारण जिले के कई क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था चर्ममरा सी गई है. बिजली की आंख-मिचौली का भी लोगों को सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश का यह वेग तीन-चार दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगा. उसके बाद मौसम बदलाव की संभावना है. लगातार बारिश और बूंदाबांदी के कारण जिले का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है. जिले का तापमान में किसी प्रकार की कमी नहीं देखी जा रही है.
डीहकोसुम्भा गांव में जमींदारी बांध से जल निकासी बाधित होने से फसलें डूबी
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश एवं जल निकासी बाधित होने की स्थिति में घाटकोसुम्भा प्रखंड में डीहकोसुम्भा के किसानों को भारी नुकसान होने लगा है. पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण हजारों एकड़ खेतों में लगी धान की फसल डूब चुके हैं. किसानों ने उत्तराखंड करते हुए डीएम आरिफ हसन से कार्रवाई की मांग की है. इस बाबत स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि लघु सिंचाई विभाग के द्वारा वर्ष 2024 में जमींदारी बांध पर मिटटी भराई का काम किया गया था. इस दौरान विभाग ने पानी निकास के लिए सीमेंटेड नाला दिया था. इस दौरान पानी निकास के लिए बनाए गए पुराने पुलिया को भी भर दिया गया. लघु सिंचाई विभाग के इस मनमाने पूर्ण रवैया के कारण मुसलाधार बारिश का पानी पूरी तरह से फसलों को डुबो रहा है. किसानों ने मांग करते हुए कहा कि अगर अबिलम्ब बंद पड़े नाला और पुलिया को नहीं खोला गया तब फसल का एक तिनका भी बच नहीं पाएगा. डीहकोसुम्भा गांव के खिल्हा, बहरायन, बड़का खंदा, दक्षिण गौड़ा सहित अन्य खंधा में लगे धान फसल डूबने के कारण बर्बाद हो रहा है.
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