बिहारशरीफ. हरनौत बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एएनसी यानी प्रसव पूर्व जांच शिविर का आयोजन किया गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार की देखरेख में आयोजित शिविर में विभिन्न पंचायतों से पहुंची 318 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. जांच के दौरान कुछ हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की भी पहचान हुई, जिन्हें उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई.
शिविर में गर्भवती महिलाओं की यूरिन, हीमोग्लोबिन, एचआईवी और ब्लड शुगर समेत जरूरी स्वास्थ्य जांच की गई. इसके अलावा महिलाओं का वजन और ब्लड प्रेशर भी मापा गया. जांच के बाद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार जरूरी परामर्श दिया.
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य प्रबंधक कृष्ण कुमार मुरारी ने बताया कि एएनसी शिविर का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच करना और गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान करना है.
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को चिन्हित किया गया. ऐसी महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने किया निरीक्षण
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने गर्भवती महिलाओं से स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और उनकी समस्याओं को जाना. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और जरूरी परामर्श उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
इस दौरान एएनएम को भी मातृ स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि शिविर में पहुंचने वाली महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सही मार्गदर्शन मिल सके.
जांच के बाद दी गई आयरन और कैल्शियम की दवा
स्वास्थ्य जांच के बाद सभी गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की दवाएं उपलब्ध कराई गईं. स्वास्थ्यकर्मियों ने महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक और संतुलित आहार लेने की सलाह दी. साथ ही दवाओं का नियमित सेवन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने को कहा गया.
एएनएम ने महिलाओं को बताया कि गर्भावस्था के दौरान किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. किसी तरह की परेशानी होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से संभावित जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है.
शिविर के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिलाओं के सवालों का जवाब दिया और सुरक्षित मातृत्व एवं सुरक्षित प्रसव से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी. एएनएम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने शिविर में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए महिलाओं की जांच और परामर्श में सहयोग किया.
