गंगा दशहरा आज, श्रद्धालुओं में भारी उत्साह

गंगा दशहरा का पवित्र व्रत रविवार को मनाया जाएगा. व्रत को लेकर जिले के श्रद्घालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है.

बिहारशरीफ. गंगा दशहरा का पवित्र व्रत रविवार को मनाया जाएगा. व्रत को लेकर जिले के श्रद्घालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. श्रद्धालु गंगा तट तक पहुंचने के लिए विभिन्न प्रकार के साधनों की व्यवस्था कर रहे हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालु दो पहिया तथा चार पहिया निजी वाहनों से गंगा स्नान के लिए प्रस्थान करेंगे. कई मोहल्ले तथा गांवों के श्रद्धालु छोटे- बड़े सुरक्षित वाहनों से भी गंगा स्नान के लिए जाने की तैयारी कर चुके हैं. अधिकांश श्रद्धालू अहले सुबह ही गंगा स्नान के लिए निकल जाएंगे.बड़ी संख्या में श्रद्धालु अभी से ही गंगा स्नान करने की तैयारी में जुट गए हैं. जिले के बड़ी संख्या में श्रद्धालु फतुहा, बख्तियारपुर तथा बाढ़ आदि गंगा तटों पर स्नान करने की तैयारी कर चुके हैं. विशेष रूप से बुजुर्ग तथा महिलाएं गंगा दशहरा के अवसर पर आस्था की डुबकी लगाने गंगा तटों पर अवश्य पहुंचेंगे. ऐसी मान्यता है की गंगा दशहरा के अवसर पर गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य को दसों प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है.पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवती गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी. प्राचीन काल में राजा भगीरथ ने कठोर तपस्या कर माता गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाया था. राजा सगर के 60 हजार पुत्रों का माता गंगा ने उद्धार किया था. तभी से भगवती गंगा को पतितपावनी के रूप में जाना जाता है और श्रद्धालुओं की भारी आस्था है.

गंगा स्नान का विशेष महत्व:-

सनातन धर्मावलंबी गंगा के पवित्र जल का उपयोग विभिन्न प्रकार के पूजा- पाठ तथा विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठानों में पूरी श्रद्धा के साथ करते हैं. गंगा स्नान का तो धार्मिक ग्रंथो में भी भारी महत्व है. मुख्य रूप से यह व्रत स्नान और दान की व्रत है. इस संबंध में पं श्रीकांत शर्मा आचार्य ने बताया कि गंगा दशहरा के अवसर पर गंगा में स्नान कर मां गंगा की प्रार्थना तथा पूजा अर्चना करने से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है. गंगा दशहरा के अवसर पर उपवास रखने का भी विशेष महत्व है. श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना के बाद गंगा के धरती पर अवतरित होने की कथा भी अवश्य सुननी चाहिए.

गंगा दशहरा के अवसर पर शुभ संयोग:-

इस वर्ष गंगा दशहरा के अवसर पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए काफी पुण्य फलदारक होगा. इस संबंध में पंडित श्रीकांत शर्मा आचार्य ने बताया कि इस बार गंगा दशहरा के अवसर पर अमृत अमृत सिद्धि योग रहेगा. इसके साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग तथा रवि नामक शुभ योग बन रहा है. उन्होंने बताया कि ऐसा संयोग लगभग 100 सालों के बाद बनने जा रहा है. इसलिए इस वर्ष का गंगा दशहरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदाई है.

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