Lord Jagannath Rath Yatra : ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं विश्वप्रसिद्ध तीर्थनगरी राजगीर में पहली बार भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन 24 जुलाई को किया जाएगा. ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर सोमवार को होटल अरुण्या गौतम विहार में बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और धर्मप्रेमियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में रथ यात्रा को भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाने के लिए केंद्रीय समिति एवं विभिन्न उपसमितियों का गठन किया गया.
रथ यात्रा की शुरुआत ब्रह्मकुंड से होगी
कार्यक्रम के संयोजक उपेंद्र कुमार विभूति ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दिव्य विग्रहों के साथ रथ यात्रा का शुभारंभ ब्रह्मकुंड परिसर से होगा. यात्रा पटेल चौक, मुख्य बाजार, गिरियक रोड चौराहा, पुरानी कचहरी सहित शहर के प्रमुख मार्गों एवं विभिन्न मठ-मंदिरों से होते हुए युवा छात्रावास (मेला थाना) परिसर में संपन्न होगी.
निकलेगी आकर्षक झांकी, तैयारी जोरों पर
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, नगर संकीर्तन, पूजा-अर्चना तथा भगवान जगन्नाथ की महिमा का गुणगान किया जाएगा. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी.
हजारों श्रद्धालुओं की शामिल होने की संभावना
आयोजकों ने बताया कि रथ यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना भी है. आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. करीब पांच हजार श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए युवा छात्रावास परिसर में सामूहिक प्रसाद ग्रहण की विशेष व्यवस्था की जाएगी.
बैठक में सुरक्षा, यातायात, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और स्वयंसेवकों की तैनाती सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई तथा जिम्मेदारियां तय की गईं.
सांस्कृति विरासत को नई मजबूती मिलेगी
उपेंद्र कुमार विभूति ने कहा कि तीर्थनगरी राजगीर में पहली बार आयोजित होने जा रही यह रथ यात्रा भविष्य में वार्षिक आध्यात्मिक उत्सव का स्वरूप लेगी. इससे श्रद्धा, सेवा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को नई मजबूती मिलेगी तथा राजगीर की धार्मिक पहचान और समृद्ध होगी.
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में वार्ड पार्षद महेंद्र यादव, होटल एसोसिएशन के संरक्षक रामकृष्ण प्रसाद सिंह, आशुतोष कुमार पांडेय, हरिश्चंद्र प्रसाद, इंद्रमोहन सिंह निराला, उपेंद्र यादव, अजय कुमार, राम कुमार वर्मा, विनोद उपाध्याय, महेंद्र कुमार, ज्ञानचंद जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और इसे राजगीर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक इतिहास का नया अध्याय बताया.
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