10 फरवरी से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम

जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाली एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की गई.

बिहारशरीफ. जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाली एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की गई. फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के दिशा निर्देश के आलोक में 10 फरवरी से एमडीए कार्यक्रम का प्रारंभ नालंदा जिले के 11 प्रखंड (बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र , बिंद, चंडी, एकंगरसराय ,इस्लामपुर,नूरसराय, परवलपुर, रहुई, सरमेरा, सिलाव एवं थरथरी प्रखंड में किया जाएगा. जिला पदाधिकारी द्वारा एमडीए कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि एमडीए कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया की दवा का घर-घर वितरण के साथ-साथ उसको खिलाने पर जोर दिया गया. निर्देश दिया गया कि घर-घर भ्रमण के दौरान यदि कोई व्यक्ति घर में उपलब्ध नहीं पाए जाते हैं तो पुनः शाम को उनके गृह भ्रमण करके दवा का सेवन करना सुनिश्चित करेंगे. समीक्षा के दौरान जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इसका सेवन 2 साल से ऊपर के व्यक्तियों को ही किया जाना है. दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इसका सेवन नहीं किया जाना है. निर्देश दिया गया कि दवा वितरण कार्यक्रम में लगे सभी कर्मियों एवं स्टेक होल्डर को इसका अच्छी तरह से प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करेंगे. इस दौरान सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि दवा के सेवन से दौरान नौजीया का लक्षण महसूस हो सकता है इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है. इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये व्यापक प्रचार प्रसार एवं जन जागरूक करने का सुनिश्चित निर्देश दिया गया. समीक्षा क्रम में बताया गया कि 10 फरवरी से अगले 14 दिनों तक सर्वप्रथम घर-घर कार्यक्रम होगा. उसके बाद अगले तीन दिनों तक बूथ पर कार्यक्रम होगा. बूथ का संचालन आंगनबाड़ी केंद्र व स्कूल एवं अन्य सार्वजनिक स्थल पर हो सकता है. जीविका, आशा, पंचायती राज, जन वितरण प्रणाली, बाल विकास परियोजना एवं अन्य विभाग के सभी पदाधिकारी इसमें अपेक्षित सहयोग निश्चित करेंगे. स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इसमें मदद लिए जाने का निर्देश दिया गया. जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि फलेरिया को उन्मूलन के प्रति नेशनल हेल्थ मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार गंभीर है. कल स्वरूप एमडीए कार्यक्रम को सफल बनाना हम समय की प्राथमिकता एवं जिम्मेदारी होनी चाहिए. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला प्रोग्राम प्रबंधक जिला स्वास्थ्य समिति, नालंदा, जिला वेक्टर बोर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Santosh kumar singh

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