Biharshariff News : राजगीर ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को राजगीर अंचल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अग्निकांड से फसल क्षति झेलने वाले नौ किसानों के बीच कुल 59,112 रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि के चेक वितरित किए. हालांकि राहत राशि मिलने के बावजूद किसानों ने इसे वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम बताते हुए उचित मुआवजे की मांग उठाई.
सरकार जरूरतमंदों के साथ मजबूती से खड़ी
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और जरूरतमंद परिवारों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ी है. प्रभावित लोगों को समय पर राहत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आपदा प्रभावित किसानों को शीघ्र सहायता देकर उन्हें दोबारा खेती से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
इन किसानों को मिला अनुदान का चेक
अनुदान प्राप्त करने वाले किसानों में बिरजू विगहा के टुनटुन सिंह उर्फ सौरभ कुमार, मनीष कुमार, सुधीर कुमार सिंह, धीरज सिंह और जितेंद्र कुमार सिंह तथा गोपडीहा के बच्चु सिंह, अनिल सिंह, प्रमानंद सिंह और यदु ठाकुर शामिल हैं. सभी किसानों को फसल क्षति के आकलन के आधार पर अलग-अलग राशि के चेक प्रदान किए गए.
आपदा से जुड़े मामलों का निष्पादन जल्द करें
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक विलंब के सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने किसानों से भी अपील की कि आगजनी या अन्य प्राकृतिक आपदा की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय पर सर्वेक्षण कर राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके.
इस अवसर पर बीडीओ एजाज आलम, प्रभारी सीओ सुरभि कुमारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
वास्तविक क्षति के आधार पर मुआवजे की मांग
अनुग्रह अनुदान प्राप्त करने वाले किसानों ने राहत राशि को अपर्याप्त बताते हुए असंतोष जताया. किसानों का कहना है कि अग्निकांड में उनकी फसलों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ, जबकि उन्हें हजारों रुपये का ही मुआवजा मिला. उनका आरोप है कि अंचल प्रशासन ने फसल क्षति का सही आकलन नहीं किया, जिसके कारण वास्तविक नुकसान के अनुरूप राहत नहीं मिल सकी.
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से निष्पक्ष सर्वेक्षण कर वास्तविक क्षति के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि वर्तमान राहत राशि से उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई संभव नहीं है.
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