Biharsharif News : नालंदा की जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने गुरुवार को समाहरणालय में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), ई-केवाईसी, खाद्यान्न वितरण और खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति व कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) हस्तांतरण की प्रगति की समीक्षा की. जुलाई माह में खाद्यान्न प्रेषण और वितरण की सुस्त रफ्तार पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए.
जुलाई में सिर्फ 20.85 प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण
समीक्षा में बताया गया कि जून 2026 में जिले को आवंटित खाद्यान्न का 97.93 प्रतिशत उठाव हुआ और 90.70 प्रतिशत राशन कार्डधारियों तक सफलतापूर्वक वितरण किया गया. वहीं जुलाई में बिहारशरीफ, सिलाव, एकंगरसराय, अस्थावां, इस्लामपुर, हिलसा और चंडी टीपीडीएस गोदामों से 50 प्रतिशत से भी कम खाद्यान्न प्रेषित होने के कारण अब तक केवल 20.85 प्रतिशत खाद्यान्न का ही वितरण हो सका है. इस पर डीएम ने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को समयबद्ध प्रेषण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
ई-केवाईसी में बेहतर प्रगति, निरीक्षण बढ़ाने का निर्देश
बैठक में बताया गया कि जिले के 92.72 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है. हालांकि पीडीएस पारख ऐप के माध्यम से केवल 15.44 प्रतिशत उचित मूल्य दुकानों का ही निरीक्षण किया गया है. साथ ही जिले की 251 उचित मूल्य दुकानों में अभी भी 250 से कम राशन कार्ड टैग हैं. डीएम ने निरीक्षण अभियान तेज करने और सभी दुकानों में निर्धारित मानक के अनुरूप कार्ड टैग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए.
15 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर जमा कराने का लक्ष्य
धान अधिप्राप्ति की समीक्षा में बताया गया कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान पैक्स और व्यापार मंडलों ने किसानों से 1,32,967.46 मीट्रिक टन धान की खरीद की है. इसके बदले 90,285.19 मीट्रिक टन सीएमआर प्राप्त होना है, जिसके विरुद्ध अब तक 79,344.11 मीट्रिक टन (87.88 प्रतिशत) सीएमआर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष 10,941.08 मीट्रिक टन सीएमआर 15 जुलाई तक हर हाल में जमा कराने का निर्देश दिया गया.
मार्जिन मनी और ई-पॉस अपग्रेड का भी उठा मुद्दा
बैठक में फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के महामंत्री वरुण सिंह ने उचित मूल्य दुकानदारों की लंबित मार्जिन मनी का भुगतान करने और ई-पॉस मशीनों को 2जी से 4जी तकनीक में अपग्रेड करने की मांग रखी. इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को विभाग से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी अधिकारियों से आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा.
