विपरीत परिस्थितियों में हार न मानकर अपने लक्ष्य को पाना ही सबसे बड़ी साधना है. बदलाव के लिए किसी बड़े पद या कुर्सी का इंतजार न करें, आप जहां हैं, वहीं से क्रांति की शुरुआत करें." यह प्रेरक संदेश शनिवार को डीएम उदीता सिंह ने एसएस बालिका उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ की छात्राओं को संबोधित करते हुए दिया.
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने छात्राओं से खुलकर बातचीत की. यह कार्यक्रम केवल प्रशासनिक बैठक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, आत्मविश्वास और भविष्य को लेकर एक प्रेरणादायी संवाद का मंच बन गया.
नालंदा की खूबियां और छात्राओं के सुझाव
संवाद की शुरुआत में जिलाधिकारी ने छात्राओं से पूछा कि वे अपने शहर की कौन-सी विशेषताएं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता महसूस करती हैं. छात्राओं ने गर्व के साथ कहा कि नालंदा प्रदूषण मुक्त शहर है तथा यहां विभिन्न धर्मों के लोग आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते हैं.
उन्होंने शिक्षा के बेहतर माहौल और शहर के पार्कों की भी सराहना की. साथ ही छात्राओं ने कचहरी एवं अन्य क्षेत्रों में बेहतर सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा जर्जर बिजली तारों को बदलने जैसे व्यावहारिक सुझाव भी प्रशासन के समक्ष रखे.
मनचलों पर सख्त कार्रवाई और हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार
संवाद के दौरान छात्राओं ने नई सराय से कन्या मध्य विद्यालय जाने वाले मार्ग पर शाम के समय मनचलों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से होने वाली परेशानी साझा की. इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की शिकायत पर उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जबकि असामाजिक तत्वों की पहचान सार्वजनिक कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. संबंधित क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त और विशेष निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए.
जिलाधिकारी ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम 112, महिला हेल्पलाइन 181 अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर निसंकोच कॉल करें. पुलिस की टीम दस मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेगी.
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर इन हेल्पलाइन नंबरों के साइनेज बोर्ड लगाए जाएं तथा मॉर्निंग असेंबली और चेतना सत्र के माध्यम से छात्राओं को नियमित रूप से इनके बारे में जागरूक किया जाए.
एआई के सदुपयोग और केंद्रों का भ्रमण
डिजिटल युग में तकनीक के महत्व पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि सोशल मीडिया पर घंटों रील्स देखने के बजाय इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और करियर निर्माण में करें.
उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से किसी भी विषय की जानकारी अपनी मातृभाषा या स्थानीय भाषाओं जैसे मगही और भोजपुरी में भी प्राप्त की जा सकती है.
संवाद कार्यक्रम के बाद छात्राओं को एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) और वन स्टॉप सेंटर का भ्रमण कराया गया. कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि वे स्वयं वह बदलाव बनें, जो वे समाज में देखना चाहती हैं.
इस दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस), जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ तथा विद्यालय की शिक्षिकाएं उपस्थित थीं.
