महिला संवाद कार्यक्रम : जमीन पर बिछी दरी पर बैठकर डीएम ने महिलाओं के साथ किया सीधा संवाद

महिलाओं को सरकार की संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी मुहैया कराने के लिए विभिन्न गांवों में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है.

शेखपुरा. महिलाओं को सरकार की संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी मुहैया कराने के लिए विभिन्न गांवों में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इसी कड़ी में गुरुवार को चेवाड़ा प्रखंड के लहना गांव में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संवाद कार्यक्रम में सरकार की महिला सशक्तीकरण पर चलाई जा रही योजनाओं का वीडियो फिल्म दिखाया गया. जिसके बाद उपस्थित ग्रामीण महिलाओं एवं बालिकाओं ने सरकार से मिले लाभ के बारे में अनुभव साझा किया. इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिये डीएम आरिफ अहसन भी अधिकारियों के संग पहुंचे. जहां डीएम जमीन के फर्श पर बिछायी गयी दरी पर बैठकर महिलाओं से सीधा संवाद किया. इस अवसर पर उपस्थित डीडीसी, डीसीएलआर, बीडीओ, डीपीएम जीविका सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं को समाज में बदलाव लाने के लिए अपना योगदान देने हेतु डीएम ने स्वयं शपथ ग्रहण करवाया. इस दौरान उन्होंने महिलाओं को अपने घर के साथ-साथ गांव, टोला और समाज में बदलाव के विषय पर सोचने और उस पर सरकार से मांग रखने को कहा. उन्होंने कहा कि ” ग्राम स्तर पर लाइब्रेरी खोला जा रहा है जिसका संचालन भी जीविका दीदियों के हाथों में दिया जा रहा है. क्योंकि उनको पता है कि कौन बच्चे पढ़ने वाले हैं और उनकी क्या-क्या जरूरतें हैं. लाइब्रेरी खुल जाने से लड़कियों को वाई-फाई की सुविधा मिल जाएगी, ताकि कैफे नहीं जाना पड़े और आसानी से गांव में ही इंटरनेट की दुनिया से जुड़कर अच्छे से पढ़ाई कर सकें और समाज के लिए कुछ अच्छा कर सके. इस मौके पर अपनी आकांक्षाओं को रखते हुए निर्मला कुमारी ने गांव की गली-चौराहों पर सोलर लाइट लगाने की बात कही. सिलाई सेंटर की स्थापना करने की रखी मांग सुलोचना देवी ने जीविका भवन की मांग रखी और काजल कुमारी ने एक सिलाई सेंटर की स्थापना करने की बात कही ताकि गांव की महिलाएं वहां पर जाकर कुछ सिलाई का काम कर सके. जिससे कुछ पैसों की आमदनी कर घर की आर्थिक स्थिति में मदद कर सकें. ज्योति कुमारी ने लाइब्रेरी की मांग रखते हुए लाइब्रेरी में वाईफाई की सुविधा और प्रतियोगिता परीक्षाओं की पुस्तकों को उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिससे गांव में रहकर ही नौकरी की तैयारी स्वाध्याय कर सके. कई दीदियों ने विधवा पेंशन की राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये करने की मांग रखी. गांव में सौर ऊर्जा से चालित मोटर पंप और चापाकल की मांग रखी गई ताकि बिजली काटने पर जलापूर्ति में परेशानी ना हो. जीविका से जुड़ी महिलाओं ने सरकार से यह आकांक्षा रखी कि संकुल स्तरीय संघ स्तर पर कुछ ऐसी राशि का प्रावधान किया जाये जिससे सामूहिक रूप से कुछ महिलाएं मोमबत्ती निर्माण, अगरबत्ती निर्माण एवं अन्य प्रकार के उद्योग कर गांव की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अपना सहयोग दे सके. सरकार की योजनाओं से मिल रहा लाभ गांव की पूजा कुमारी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि बालिका मेधावृत्ति योजना के तहत मुझे मैट्रिक पास करने के बाद 10 हजार की राशि प्राप्त हुई और इंटर में भी मैंने इसी साल प्रथम स्थान प्राप्त किया है. जिसके बाद मुझे 25 हजार की राशि मिलेगी. जिसके लिए मैं सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं. इस योजना से मिले राशि से मैं आगे की पढ़ाई कर सकूंगी. महिलाओं को सरकारी नौकरी में मिले आरक्षण के परिणामस्वरूप आज महिला थाना में काम कर रही एसएचओ के पद पर अनामिका कुमारी ने अपना अनुभव साझा किया और बताया कि बिहार सरकार में महिलाओं को नौकरी में आने के लिए 35 प्रतिशत का आरक्षण है जिस कारण से परीक्षा में आरक्षण का लाभ ले कर आज सरकार और समाज में सेवा कर रही हैं. मद्य निषेध विभाग में कार्यरत अवर निरीक्षक प्रीति कुमारी ने भी अपना अनुभव साझा किया और आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी में ज्वाॅइनिंग की प्रक्रिया बतायी. गांव में विकास मित्र का काम कर रही गायत्री ने भी अपने कार्यों के बारे में बताया.

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Published by: Amlesh prasad

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