Nalanda News : नालंदा जिले के बिहारशरीफ सदर अस्पताल परिसर में चल रहा एएनएम स्कूल इन दिनों खुद बीमार है. जर्जर भवन में करीब 200 छात्राएं जान हथेली पर रखकर नर्सिंग की पढ़ाई और प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं. छात्रावास के दो कमरों की छत पहले ही गिर चुकी है, लेकिन बाकी हिस्सों में भी हर पल हादसे का डर बना रहता है. यह आवासीय प्रशिक्षण संस्थान सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं है. यहां की छात्राएं रोजाना बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में प्रैक्टिकल भी करती हैं. छात्राओं का कहना है कि क्लास से लौटने के बाद कमरे में जाते ही डर लगता है कि कहीं छत का मलबा सिर पर न गिर जाए.
30 कमरों वाला परिसर, सबसे खराब हाल छात्रावास का
एएनएम स्कूल की प्राचार्य अलका रानी बताती हैं कि उनकी नियुक्ति के समय से ही भवन जर्जर था, और अब हालात और बिगड़ गए हैं. पूरे परिसर में करीब 30 कमरे हैं, जिनमें दो क्लास रूम, तीन प्रयोगशालाएं, मेस और छात्रावास शामिल हैं. सबसे खराब स्थिति छात्रावास की है. दो कमरों की छत गिर चुकी है. मेस भवन भी खस्ताहाल है. दीवारों में दरारें हैं और प्लास्टर झड़ रहा है. बारिश में कई जगहों से छत टपकती है, जिससे किताबें-कपड़े भीग जाते हैं.
बीएमएसआइसीएल ने किया निरीक्षण, फाइलों में अटका बजट
प्राचार्य ने बताया कि भवन की मरम्मत और नए निर्माण के लिए विभाग को कई बार पत्र लिखा गया. वर्ष 2025 में बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी बीएमएसआइसीएल की टीम ने स्कूल का निरीक्षण भी किया. टीम ने बजट संबंधी दस्तावेज तैयार कर विभाग को भेज दिए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. जिला प्रशासन को भी आवेदन दिया गया है. छात्राएं कहती हैं कि पढ़ाई और प्रशिक्षण की व्यवस्था तो अच्छी है, लेकिन जर्जर भवन की वजह से मन में हमेशा डर बैठा रहता है.
