Biharsharif News : सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के अवसर पर हिलसा प्रखंड एवं नगर परिषद क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बाबा अभयनाथ धाम समेत शहर और ग्रामीण इलाकों के शिव मंदिरों में सुबह से देर रात तक पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा. पूरे इलाके में 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारे गूंजते रहे. शहर के प्रमुख बाबा अभयनाथ धाम, बाबा नंदेश्वर स्थान, दारोगा कुआं स्थित शिव मंदिर तथा कोर्ट परिसर स्थित शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी.
फतुहा गंगा घाट से जल लेकर पहुंचे कांवरिया
सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु फतुहा गंगा घाट से गंगाजल लेकर करीब 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर हिलसा पहुंचे. श्रद्धालुओं ने विभिन्न शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की. वहीं सोमवारी व्रत रखने वाली महिलाओं ने पवित्र स्नान के बाद हाथों में पूजा की थाल लेकर अपने नजदीकी शिवालयों में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की. सुबह से लेकर देर रात तक मंदिरों में दर्शन और पूजा का सिलसिला चलता रहा.
शिव-शक्ति की उपासना के लिए विशेष माना जाता है सावन
इस अवसर पर आचार्य गौतम पांडेय ने बताया कि सावन का पवित्र महीना भगवान शिव और शक्ति की उपासना के लिए विशेष महत्व रखता है. सावन को भगवान शिव का प्रिय मास माना जाता है और इस दौरान श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार पड़ रहे हैं. तीसरी सोमवारी और नागपंचमी एक ही दिन पड़ने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला.
श्रद्धालुओं ने की विशेष पूजा-अर्चना
सोमवारी और नागपंचमी के संयोग पर श्रद्धालुओं ने शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना की. आचार्य गौतम पांडेय ने कहा कि सावन सोमवार का व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है और श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए पूरे श्रद्धा भाव से उपवास और पूजा करते हैं. पूरे दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और शिवभक्ति के माहौल से हिलसा शहर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र भक्तिमय बने रहे.
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