फोरलेन के किनारे नाला बनाने की मांग

राजगीर-बिहारशरीफ मुख्य पथ नेशनल हाईवे ( फोरलेन) के पश्चिमी भाग में शहर के रेलवे स्टेशन मोड़ से अनुमंडल कार्यालय होते हुए रेलवे ओवर ब्रिज तक नाले का अभाव गंभीर समस्या बना हुआ है.

राजगीर. राजगीर-बिहारशरीफ मुख्य पथ नेशनल हाईवे ( फोरलेन) के पश्चिमी भाग में शहर के रेलवे स्टेशन मोड़ से अनुमंडल कार्यालय होते हुए रेलवे ओवर ब्रिज तक नाले का अभाव गंभीर समस्या बना हुआ है. इस क्षेत्र में एन एच आई अथवा नगर परिषद द्वारा नाला नहीं बनाने के कारण घरों, होटलों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का गंदा पानी सीधे खेतों में गिरता है. इससे खेतों की उर्वरता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. किसानों को फसल की क्षति झेलनी पड़ रही है. लगातार जलजमाव और गंदगी के कारण क्षेत्र में बदबू एवं बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. स्थानीय किसान और घर-प्रतिष्ठान मालिकों के बीच पानी निकासी को लेकर आये दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है. इस समस्या के स्थायी समाधान हेतु नाले का निर्माण अति आवश्यक है. इससे स्वच्छता तो बनी रहेगी ही और सामाजिक समरसता भी कायम रहेगा. प्रशासन को इस दिशा में शीघ्र पहल करनी चाहिए. पूर्व जिला पार्षद प्रतिनिधि अनिल कुमार, वार्ड पार्षद डाॅ अनिल कुमार, पूर्व प्रखण्ड प्रमुख सुधीर कुमार पटेल, महफूज आलम, युवा राजद नेता गोलू यादव ने बताया कि आम आवाम की मांग और एसडीओ के सिफारिश के बाद भी पर्यटक शहर राजगीर के राजगीर-बिहारशरीफ मुख्य पथ (नेशनल हाईवे फोरलेन) के पश्चिमी भाग में नाला निर्माण नहीं कराया गया है. इससे उस क्षेत्र में बने घरों, होटलों और प्रतिष्ठानों के पानी निकलने में काफी परेशानी हो रही है. प्रकृति, प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा बार-बार गुहार लगाने और उप महाप्रबंधक (तक०), परियोजना कार्यान्वयन इकाई, गया, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को ज्ञापन सौंपने के बाद भी नाला निर्माण की कार्रवाई नहीं हो रही है. उनलोगों ने बताया कि रेलवे स्टेशन मोड़, ब्लॉक मोड़, अनुमंडल कार्यालय से रेलवे ओवर ब्रिज तक के क्षेत्र में नेशनल हाईवे द्वारा भूमि अधिग्रहण तो कर लिया गया है, लेकिन अबतक नाला निर्माण नहीं कराया गया है. इसके कारण घरों का गंदा पानी खुले में बहकर आसपास के खेतों में जमा हो रहा है. इससे न केवल पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो रहा है, बल्कि स्थानीय खेत मालिकों और गृहस्वामियों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी रहती है. उनलोगों ने बताया कि राजगीर के निवर्तमान एसडीओ कुमार ओमकेश्वर द्वारा भी बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के उप महाप्रबंधक (तक०) से पत्राचार किया गया. लेकिन कोई परिणाम नहीं निकाला. उन्होंने लिखा था कि प्रबुद्धजनों ने स्वास्थ्य, सफाई और सामाजिक शांति को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में अविलंब नाला निर्माण की मांग की है. यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Santosh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >