न्यूनतम मजदूरी को लेकर रसोईयों ने दिया धरना

राष्ट्रीय मध्यान भोजन रसोइया संगठन के तत्वाधान में शुक्रवार को बिहार शरीफ में एक धरना-प्रदर्शन का किया गया है.

बिहारशरीफ. राष्ट्रीय मध्यान भोजन रसोइया संगठन के तत्वाधान में शुक्रवार को बिहार शरीफ में एक धरना-प्रदर्शन का किया गया है. श्रम कल्याण मैदान के निकट हॉस्पिटल मोड़ पर आयोजित इस एक दिवसीय प्रदर्शन में सैकड़ों रसोइयों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई. प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रदेश सचिव मोहम्मद शकील (मुन्ना भाई) ने किया. प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों की प्रमुख मांग मासिक मानदेय में वृद्धि है. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्तमान में मिल रहे 1,650 रुपए के मानदेय से गुजारा करना असंभव है. उनकी मांग है कि यह राशि कम से कम ₹10 हजार प्रतिमाह की जाए. संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बलवंत पासवान ने कहा कि वर्तमान महंगाई में मिल रहा मानदेय अत्यंत नगण्य है. पटना उच्च न्यायालय के 30 सितंबर 2022 के आदेशानुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए. रसोइयों की भूख मिटाओ, हक दिलाओ का नारा : बता दें कि संगठन ने 7 मार्च को पटना के गर्दनीबाग में एक बृहद रैली का आह्वान किया है. जिसका नारा है कि रसोइयों की भूख मिटाओ, हक दिलाओ. प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद कुमार और जिलाध्यक्ष प्रवीला देवी ने सभी रसोइयों से इस रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है. धरने के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी नालंदा को एक ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शन में प्रमुख रूप से सतेंद्र पासवान, संतोष पासवान, रेशमी देवी, अनीता देवी, प्रीति पांडेय, रूबी देवी सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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