Nalanda News : नालंदा जिले में श्रम संसाधन विभाग द्वारा 14 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर बाल श्रम, बाल विवाह तथा अन्य बाल संरक्षण से जुड़े मामलों पर सघन कार्रवाई की जाएगी. अभियान के दौरान मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से शिक्षा, पुनर्वास एवं विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. विभाग ने आम लोगों से भी ऐसे मामलों की सूचना प्रशासन को देने की अपील की है.
भराव पर छापेमारी में बाल श्रमिक मुक्त
श्रम संसाधन विभाग के निर्देश पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह के नेतृत्व में लहेरी थाना क्षेत्र के भराव पर स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान एक प्रतिष्ठान से एक बाल श्रमिक को कार्य करते हुए मुक्त कराया गया. बाल श्रमिक को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उसके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
बाल श्रम कराने वाले नियोजक पर एफआईआर
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बाल श्रमिकों से काम कराना दंडनीय अपराध है. बिहारशरीफ में पकड़े गए मामले में संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी. श्रम अधीक्षक नरेश कुमार ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है. अभियान केवल बिहारशरीफ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नालंदा के सभी प्रखंडों में लगातार छापेमारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि बच्चों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है.
आम नागरिकों से सहयोग की अपील
विशेष धावा दल में विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों, आइडिया संस्था के प्रतिनिधियों तथा लहेरी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से भाग लिया. विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी होटल, ढाबे, दुकान, गैराज, फैक्ट्री या अन्य प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक कार्य करते दिखें तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग या स्थानीय थाना को दें, ताकि बच्चों को शोषण से मुक्त कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके.
