राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में वैज्ञानिक शोध और खगोल-विज्ञान पर मंथन
राजगीर. ऑल इंडिया साइंस टीचर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में चक्रपाणी विद्यालय, राजगीर में विज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान शिक्षा को सुदृढ़ करना तथा नवीन शोधों और समसामयिक वैज्ञानिक विषयों पर विमर्श को प्रोत्साहित करना रहा. सम्मेलन में विज्ञान शिक्षकों के लिए विशेष सत्र आयोजित किये गये, जिनमें खगोल-विज्ञान पर विस्तृत चर्चा की गयी. इस सत्र के मुख्य वक्ता प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. राजमणि प्रसाद सिन्हा रहे. उन्होंने खगोल-विज्ञान में हो रहे नवीन अनुसंधानों, ब्रह्मांड की संरचना और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. उनके व्याख्यान को प्रतिभागियों ने अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया. सम्मेलन के एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में सुबीर कुमार सरकार ने रेंजलैंड और पशुपालकों का अंतरराष्ट्रीय वर्ष विषय पर व्याख्यान दिया. उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पशुपालकों की भूमिका और सतत विकास में रेंजलैंड के महत्व को रेखांकित किया. इस अवसर पर महासचिव रविन्द्र प्रसाद सिन्हा के मार्गदर्शन में सम्मेलन का सफल संचालन किया गया. कार्यक्रम के दौरान कुल 411 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये, जिनमें विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए.
सम्मेलन के समापन सत्र में प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे और विज्ञान सम्मेलनों के आयोजन पर जोर दिया. विद्यालय के चेयरमैन डॉ विश्वेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि ऐसे सम्मेलन विद्यार्थियों और शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने ऑल इंडिया साइंस टीचर्स एसोसिएशन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि चक्रपाणी विद्यालय भविष्य में भी विज्ञान और अनुसंधान से जुड़े आयोजनों का केंद्र बना रहेगा.
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