बड़ा भाई अरवल में CO, अब छोटा भाई भी बना अफसर! नालंदा के आनंद प्रसाद ने बीपीएससी में लहराया परचम

BPSC 70th Result News: नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के बदौरा गांव निवासी आनंद प्रसाद ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 778वीं रैंक हासिल कर सहायक योजना पदाधिकारी पद पर सफलता पाई है. उनके पिता धनेश प्रसाद हिलसा के गणपति बिगहा स्कूल में हेडमास्टर हैं, जबकि बड़े भाई अरवल में सीओ हैं. पढ़ें रिपोर्ट.

नालंदा से संतोष कुमार की रिपोर्ट

BPSC 70th Result News: नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल क्षेत्र से कड़े संघर्ष और पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. चंडी थाना क्षेत्र के बदौरा गांव निवासी आनंद प्रसाद ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. आनंद प्रसाद ने पूरे सूबे में 778वीं रैंक प्राप्त की है, जिसके बाद उनका चयन योजना एवं विकास विभाग में सहायक योजना पदाधिकारी/सहायक निदेशक के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है. इस बड़ी कामयाबी की खबर मिलते ही कलेक्ट्रेट, शिक्षा विभाग और उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल बन गया है.

सांकेतिक तस्वीर

एक भाई अरवल में सीओ, तो दूसरा बना सहायक योजना पदाधिकारी

चंडी प्रखंड और पारिवारिक सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आनंद प्रसाद का परिवार पहले से ही प्रशासनिक और शैक्षणिक सेवा से जुड़ा रहा है. आनंद के पिता धनेश प्रसाद हिलसा थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय गणपति बिगहा में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं, जबकि उनकी माता सीमा रानी एक कुशल गृहिणी हैं. आनंद के बड़े भाई प्रेम आनंद प्रसाद भी बेहद प्रतिभावान हैं. वे 64वीं बीपीएससी परीक्षा के माध्यम से चयनित होकर वर्तमान में अरवल जिले में अंचल अधिकारी (CO) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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कोर्ट में पेशकार की नौकरी करते हुए पूरा किया प्रशासनिक सेवा का सपना

आनंद प्रसाद की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह वर्तमान में मोतिहारी सिविल कोर्ट में पेशकार के पद पर कार्यरत हैं. कोर्ट के काम के भारी दबाव और व्यस्त दिनचर्या के बीच समय निकालकर उन्होंने अपनी तैयारी को धार दी. आनंद ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा चंडी प्रखंड के ग्रामीण परिवेश में ही हुई थी. बचपन से ही उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए कुछ बेहतर करने का था, जिसे उन्होंने कठिन अनुशासन, कड़े परिश्रम और सेल्फ स्टडी के बल पर आखिरकार पूरा कर दिखाया.

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माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय

अपनी इस गौरवशाली उपलब्धि पर आनंद प्रसाद ने दिल से अपने माता-पिता, भाई-बहनों और गुरुजनों के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता परीक्षा के सफर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन परिवार के निरंतर हौसले ने उन्हें कभी रुकने नहीं दिया.

उनकी इस छलांग से बदौरा गांव सहित पूरे हिलसा अनुमंडल क्षेत्र के शुभचिंतकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी है. ग्रामीणों को पूरी उम्मीद है कि आनंद कलेक्ट्रेट और विकास विभाग के नए दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे और क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक नई मिसाल पेश करेंगे.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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