सिर्फ डिजिटल के लिए बिहारशरीफ. नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड की नेहुसा पंचायत के बीरमपुर गांव के वार्ड संख्या-19 में यह योजना पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। गांव में पिछले कई दिनों से नल-जल योजना ठप पड़ी हुई है। स्थिति ऐसी है कि करीब 70 से 80 घरों के सैकड़ों लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे ग्रामीण रविशंकर कुमार, रोहित कुमार, रंजीत कुमार, शिवशंकर कुमार, मौली सिंह, रमाकांत सिंह, उषा देवी, प्रमोद महतो समेत कई लोगों ने बताया कि लगभग सात वर्ष पहले नल-जल योजना के तहत बोरिंग कराई गई थी, लेकिन आज तक जलमीनार का निर्माण नहीं कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि मोटर तो चालू है, लेकिन उसकी नियमित देखरेख नहीं होने के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बोरिंग के आसपास स्थित कुछ घरों तक ही पानी पहुंच पाता है, जबकि आधे से अधिक गांव के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
उन्होंने स्थानीय मुखिया और प्रखंड प्रशासन से अविलंब नल-जल योजना को दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, इस मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन का यह आश्वासन आखिर कब धरातल पर उतरता है और बीरमपुर गांव के लोगों को कब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल पाती है।
