घर में बेकार पड़ा सामान फेंकें नहीं, बिहारशरीफ में यहां दें, जरूरतमंद मुफ्त ले जाएंगे

BiharSharif RRR Centre : बिहारशरीफ नगर निगम ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत 'नेकी की दीवार' की शुरुआत की है. इस पहल के तहत घरों में बेकार पड़े सामान को दान किया जा सकता है, जिससे वे जरूरतमंदों तक पहुंचकर दोबारा उपयोगी बन सकें.

BiharSharif RRR Centre : बिहारशरीफ में घरों में बेकार पड़े सामान को उपयोगी बनाने के लिए नगर निगम ने नई पहल शुरू की है. भारत सरकार के ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत नगर निगम ने आरआरआर यानी रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल सेंटर के रूप में ‘नेकी की दीवार’ स्थापित की है. इसका उद्देश्य पुराने सामान को कचरे में जाने से रोकना और जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी वस्तुएं पहुंचाना है.

नगर निगम ने नागरिकों से की दान की अपील

नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन ने बताया कि शहर के लोग अपने घरों में रखे अतिरिक्त या उपयोग में नहीं आने वाले सामान को इस केंद्र पर दान कर सकते हैं. वहीं, जरूरतमंद लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार यहां उपलब्ध सामान को निःशुल्क ले जा सकेंगे. इससे घर में बेकार पड़े सामान का दोबारा इस्तेमाल हो सकेगा.

कपड़े से लेकर ई-वेस्ट तक जमा होगा

आरआरआर सेंटर को वन-स्टॉप कलेक्शन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है. यहां पुराने कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने, ई-वेस्ट और प्लास्टिक की वस्तुएं जमा की जा सकती हैं. इस पहल को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत कचरा प्रबंधन और पुन: उपयोग को बढ़ावा देने वाली पहल के रूप में शुरू किया गया है.

अच्छे सामान जरूरतमंदों तक पहुंचेंगे

नगर निगम के अनुसार, केंद्र पर जमा किए गए सामानों को उनकी स्थिति के आधार पर अलग किया जाएगा. अच्छी स्थिति में मौजूद कपड़े, किताबें, जूते, खिलौने और अन्य उपयोगी वस्तुएं जरूरतमंद गरीब परिवारों और बच्चों तक पहुंचाई जाएंगी. इससे ऐसे सामान का दोबारा उपयोग हो सकेगा और जरूरतमंद लोगों को भी मदद मिलेगी.

खराब सामान भेजे जाएंगे रीसाइकिल के लिए

जो सामान उपयोग के लायक नहीं होंगे, उन्हें रीसाइकिल के लिए भेजा जाएगा. इससे बेकार वस्तुओं को सीधे कचरे के ढेर या लैंडफिल साइट पर जाने से रोका जा सकेगा. रीसाइकिलिंग के जरिए इन वस्तुओं से नए उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलेगा.

लैंडफिल पर कम होगा कचरे का दबाव

नगर निगम की इस पहल से शहर में वेस्ट मैनेजमेंट को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है. घरों से निकलने वाले ऐसे सामान, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल या रीसाइकिल किया जा सकता है, उन्हें अलग करने से लैंडफिल साइट पर कचरे का दबाव कम हो सकता है.

स्वच्छता के साथ मदद की भावना को मिलेगा बढ़ावा

‘नेकी की दीवार’ का उद्देश्य सिर्फ कचरा कम करना ही नहीं है. इसके जरिए शहरवासियों में जरूरतमंदों की मदद करने और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने की भावना विकसित करने का प्रयास भी किया जा रहा है. घर में किसी के लिए अनुपयोगी सामान दूसरे व्यक्ति के लिए उपयोगी हो सकता है, इसी सोच को इस पहल के जरिए बढ़ावा दिया जा रहा है.

कैसे काम करेगा RRR सेंटर

Reduce: जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने और कचरा पैदा करने को कम करना. Reuse: उपयोगी पुराने सामान को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाकर दोबारा इस्तेमाल करना. Recycle: खराब या अनुपयोगी वस्तुओं को रीसाइकिल के लिए भेजना.

अब शहरवासियों की भागीदारी अहम

बिहारशरीफ नगर निगम की इस पहल को सफल बनाने में शहरवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. घर में पड़े ऐसे पुराने सामान, जो किसी अन्य व्यक्ति के काम आ सकते हैं, उन्हें फेंकने के बजाय RRR सेंटर तक पहुंचाया जा सकता है. इससे स्वच्छता अभियान के साथ जरूरतमंदों की मदद और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By रंजीत सिंह

रणजीत सिंह ने वर्ष 2006 में प्रिंट मीडिया से पत्रकारिता की शुरूआत की. वर्तमान में प्रभात खबर के बिहारशरीफ कार्यालय से जुड़कर कार्य कर रहे हैं. 19 वर्ष के पत्रकारिता जीवन में कई लिडिंग दैनिक अखबारों के अलावा डिजिटल मीडिया के लिए भी संवाददाता के तौर पर कार्य किया है. स्वास्थ्य, नगर निकाय, कृषि, बिजली, नियोजनालय, पशुपालन एवं गव्य विकास विषयों पर नियमित खबर लिख रहे हैं.

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