बिहारशरीफ. शहर में नशे की लत के साथ चोरी, मारपीट और छिनतई की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. शुक्रवार की देर रात रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के अंजता सिनेमा हॉल के पीछे स्मैकियों ने चार मकानों के बिजली पोल से घर तक जाने वाली तार काट ली और फरार हो गये. इससे पहले लहेरी थाना क्षेत्र में सब्जी मंडी तालाब के पास दिनदहाड़े पोल पर लगा बिजली मीटर उखाड़कर ले जा रहे युवकों को सुरक्षागार्ड के शोर मचाने पर मीटर फेंककर भागना पड़ा. नाला रोड में मेट्रो अस्पताल के पास भी कुछ माह पूर्व पैसे नहीं देने पर नशे के आदी युवकों द्वारा एक दुकानदार के साथ मारपीट कर घायल करने की घटना सामने आयी थी. लगातार हो रही घटनाओं से शहरवासियों में दहशत है.
नशे की गिरफ्त में युवा, अपराध की ओर बढ़ते कदम
स्थानीय लोगों के अनुसार नालंदा में स्मैक, ब्राउन शुगर, हेरोइन और नशीले इंजेक्शन जैसे सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है. इसका असर आपराधिक गतिविधियों में भी दिख रहा है. चोरी, छिनतई, मारपीट, हिंसा और छेड़खानी जैसी घटनाओं में नशेड़ी युवकों की संलिप्तता की चर्चा सामने आती रही है. स्थानीय निवासी विकास कुमार उर्फ गांधी जी, बैंककर्मी विजय कुमार, शिक्षक टिंकू कुमार और अखिलेश कुमार आदि का कहना है कि नशे की लत पूरी करने के लिए कुछ युवक पहले घर से रुपये और सामान चुराते हैं, फिर मोहल्ले में छोटी-मोटी चोरी और छिनतई से अपराध की दुनिया में कदम बढ़ाते हैं.
विरोध करने वालों से भी मारपीट
नशे के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसका विरोध करने वाले लोग भी निशाने पर आ रहे हैं. करीब एक वर्ष पूर्व रामचंद्रपुर के उत्तरी गांधी नगर में नशा कर रहे युवकों का विरोध करने पर एक परिवार के पिता-पुत्र के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल करने की घटना हुई थी. इसके अलावा पिछले दो-तीन माह में शिवपुरी सूर्य तालाब, नाला रोड, सब्जी मंडी तालाब और मेट्रो अस्पताल मोड़ के आसपास मारपीट व फायरिंग की घटनाएं सामने आयी हैं. इनमें नशे के आदी युवकों की संलिप्तता की चर्चा रही है.
शहर से गांव तक फैला नेटवर्क
जानकारों के अनुसार 16 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में सूखे नशे की लत तेजी से फैल रही है. शुरुआत अक्सर दोस्तों की संगत और उत्सुकता से होती है, जो बाद में गंभीर लत में बदल जाती है. शहर के बीड़ी अस्पताल, बाजार समिति, रेलवे स्टेशन रोड, कल्याण रोड, सोहसराय, टिंकुलीपर, बड़ी पहाड़ी, छोटी पहाड़ी, चुड़ीचक, मेहरपर, अखाड़ापर, मंगलास्थान और रामचंद्रपुर के संकरी गलियों व खाली इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी नशे की पहुंच बढ़ने की बात सामने आ रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए नाबालिग बच्चों और महिलाओं तक का इस्तेमाल डिलीवरी के लिए कर रहे हैं. यह नेटवर्क बिहारशरीफ के अलावा नूरसराय, रहुई, राजगीर, हिलसा, चंडी, नगरनौसा, परवलपुर, इस्लामपुर समेत अन्य प्रखंडों तक फैलने का दावा किया जा रहा है.
