Bihar Sharif News : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान रविवार को नालंदा के आईएमए हॉल में एक अप्रत्याशित घटना देखने को मिली. समारोह के दौरान मंच पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव और पार्टी के एक वरीय नेता अरुण कुमार उर्फ कल्लू मुखिया के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. राजद के 30 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अशोक कुमार हिमांशु कर रहे थे. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.
कल्लू मुखिया पर जिलाध्यक्ष का आरोप- बिना बुलाए मंच पर पहुंचे और किया हंगामा
विवाद तब शुरू हुआ जब समय की कमी का हवाला देते हुए स्थानीय पदाधिकारियों के भाषण के बाद सीधे प्रदेश स्तर के नेताओं को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया. जिलाध्यक्ष अशोक कुमार हिमांशु ने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि समय अभाव के कारण प्रदेश स्तर के वरीय नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही थी. कल्लू मुखिया को मंच पर नहीं बुलाया गया था, फिर भी वे जबरदस्ती आकर बैठ गए. जब उन्हें बोलने का मौका तुरंत नहीं मिला, तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. वे पार्टी के निष्क्रिय सदस्य हैं और अनुशासनहीनता दिखा रहे हैं.
राजद के मंच विवाद ने जिले की राजनीति में छेड़ी नई बहस
वहीं, दूसरी ओर अरुण कुमार उर्फ कल्लू मुखिया ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि यह किसी का ”मोनोपॉली” (एकाधिकार) नहीं है. उन्होंने दावा किया कि मंच संचालन करने वाले लोग वरिष्ठ नेताओं को भी बोलने का मौका नहीं दे रहे थे, इसलिए उन्होंने हस्तक्षेप किया. उनका कहना है कि उन्होंने केवल व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई थी. राजद के इस स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई इस सार्वजनिक नोक-झोंक ने जिले में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है.
मंच विवाद के बाद राजद में गुटबाजी की चर्चा तेज
जहां एक तरफ जिला अध्यक्ष इसे अनुशासनहीनता और निष्क्रियता करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है. कार्यक्रम के अंत में सबने साथ भोजन किया, लेकिन मंच पर हुई इस घटना ने स्थानीय राजनीति में खटास की खबरों को हवा दे दी है.
