Bihar Sharif News : राजगीर के चर्चित मॉब लिंचिंग कांड की पड़ताल के लिए शनिवार को पटना हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल राजगीर पहुंचा. एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने झुनिकिया बाबा मंदिर के समीप घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों व मंदिर के महंत से मुलाकात कर घटना से जुड़ी जानकारी हासिल की.
घटनास्थल का निरीक्षण कर जुटाई जानकारी
प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता डॉ. गोपाल कृष्ण, इंडियन एसोसिएशन ऑफ एडवोकेट्स के महासचिव प्रशांत सिंह, डॉ. राजाराम राय, राजगीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मिथिलेश सिंह, महासचिव लालमोहन प्रसाद सिंह सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे. टीम ने घटनास्थल के निरीक्षण के बाद मामले के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की.
कानून से ऊपर कोई नहीं, मॉब लिंचिंग पर हाईकोर्ट अधिवक्ताओं का सख्त संदेश
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि कानून किसी भी व्यक्ति को अपने हाथ में न्याय लेने का अधिकार नहीं देता. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को उचित नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने चुनिकिया बाबा मंदिर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर अपराध का संदेह भी था, तो उसे भीड़ के हवाले करने या हिंसा का शिकार बनाने के बजाय पुलिस के सुपुर्द किया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने घटना के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मलमास मेले के दौरान घटनास्थल पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए थी. उनका मानना है कि समय पर प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था होती तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था. प्रतिनिधिमंडल ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
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