Bihar Sharif News : बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-24 स्थित पुरानी पोस्ट ऑफिस गली में वर्षों से खाली पड़ा एक दो मंजिला जर्जर मकान स्थानीय लोगों के लिए भय और असुरक्षा का कारण बन गया है. दर्जनो मुहल्लेवासियों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी उदिता सिंह से मिलकर आवेदन देते हुए खंडहरनुमा भवन को तत्काल ध्वस्त कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यह मकान अपराधियों, नशेड़ियों और ड्रग्स तस्करों का स्थायी अड्डा बन चुका है, जिससे पूरे इलाके का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है.
जर्जर मकान बना असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा
स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त मकान कई वर्षों से खाली पड़ा है और उसके मालिक या कोई अन्य व्यक्ति वहां निवास नहीं करता. भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, लेकिन उसकी आड़ में असामाजिक तत्व दिन-रात जुटते हैं. यहां खुलेआम नशाखोरी होती है और मादक पदार्थों के कारोबार की भी गतिविधियां संचालित होने की शिकायत है. इससे आसपास रहने वाले परिवार, महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र-छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. मुहल्लेवासियों का आरोप है कि गली में आए दिन छिनतई, चोरी, छेड़खानी और मारपीट जैसी घटनाएं होती रहती हैं.
असामाजिक तत्वों से परेशान मुहल्लेवासी, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
जब स्थानीय लोग इसका विरोध करते हैं तो असामाजिक तत्व उल्टा उनसे झगड़ा करने लगते हैं और जान से मारने तक की धमकी देते हैं. इस कारण पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है तथा लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. लोगों ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी पूर्व में नालंदा के पुलिस अधीक्षक को भी दी गई थी. पुलिस द्वारा समय-समय पर कुछ लोगों को पकड़ने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसे लोगों को बाद में थाने से छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है.
जर्जर मकान में मिल चुका है युवक का शव, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मुहल्लेवासियों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि 30 अगस्त 2026 को इसी जर्जर मकान के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ था. इस घटना के बाद भी भवन के खिलाफ कोई स्थायी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इस भवन को ध्वस्त नहीं किया गया तो भविष्य में और भी गंभीर आपराधिक घटनाएं हो सकती हैं. स्थिति को और गंभीर बनाते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि इस गली में कई कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन यहां आते-जाते हैं और खाली समय में इसी जर्जर मकान के आसपास खड़े या बैठे रहते हैं.
जिलाधिकारी से जर्जर भवन को तत्काल ध्वस्त कराने की मांग
भवन की हालत इतनी खराब है कि उसके किसी भी समय ढहने की आशंका बनी रहती है. यदि ऐसा हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है और कई मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है. इन्हीं सभी परिस्थितियों को देखते हुए मुहल्लेवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस जर्जर और खतरनाक भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर उसे ध्वस्त कराया जाए. साथ ही वहां नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था कायम रह सके.
अपराध और नशे के नेटवर्क पर रोक लगाने की मांग
इस संबंध में नगर आयुक्त, बिहारशरीफ को भी आवेदन की प्रति भेजी गई है. अब स्थानीय लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं.उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाने से न केवल संभावित हादसों को रोका जा सकेगा, बल्कि अपराध और नशे के बढ़ते नेटवर्क पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा. जिलाधिकारी से मिलने वालों में मुन्ना पांडे,अमितेश कुमार सन्टु,इंद्रजीत कुमार, दीपक कुमार आदि शामिल थे.
Also Read : नालंदा में बाल अधिकारों की सुरक्षा पर आयोग की नजर, संस्थानों का औचक निरीक्षण जारी
