Bihar Sharif News : राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम पिछले तीन दिनों से नालंदा जिले के विभिन्न बाल कल्याण संस्थानों और विभागों का औचक निरीक्षण कर रही है. आयोग की सदस्य संगीता ठाकुर और ज्योति कुमारी बच्चों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं. निरीक्षण के दौरान बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जा रही है. आयोग का उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
बच्चों के रहने, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का आयोग ने लिया जायजा
पर्यवेक्षण गृह और दत्तक ग्रहण संस्थान की व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा आयोग की टीम ने जिले के पर्यवेक्षण गृह और विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण कर वहां रह रहे बच्चों की सुविधाओं की जानकारी ली. बच्चों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया गया. टीम ने संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों और कर्मियों की स्थिति की भी समीक्षा की. अधिकारियों को बच्चों के हित में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए.
आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और सुविधाओं का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों तक भी पहुंची. यहां बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था की जांच की गई. टीम ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली. साथ ही यह भी देखा गया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को निर्धारित सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं.
मिड-डे मील, पेयजल और शौचालय व्यवस्था की जांच
स्कूलों में शिक्षा और बाल सुरक्षा व्यवस्था की जांच आयोग की सदस्याओं ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, पेयजल, शौचालय और बाल सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. विद्यालय प्रबंधन से बच्चों के नामांकन और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जानकारी प्राप्त की गई. टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है.
निरीक्षण में मिली कमियों की रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाएगी
बच्चों के अधिकारों की रक्षा को लेकर आयोग गंभीर आयोग की टीम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों और समस्याओं की रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाएगी. टीम ने संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है. आयोग का मानना है कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जवाबदेही जरूरी है.
Also Read : बेगूसराय में आज 37°C तक पहुंचेगा पारा, धूप और उमस से बेहाल लोग, शाम तक हो सकती है हल्की बारिश
